महिला अधिकारी ने सहायक श्रम आयुक्त पर लगाया अश्लीलता और उत्पीड़न का आरोप, केस दर्ज
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पीड़िता का कहना है कि आयोग की जांच में सहायक श्रमायुक्त को दोषी पाया गया है। हालांकि, आयोग की जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई। इस बीच सहायक श्रमायुक्त लगातार समझौते का दबाव बना रहे थे।
इनकार करने पर जानमाल की धमकी दी, तब पीड़िता ने हुसैनगंज कोतवाली की पुलिस से संपर्क किया। पीड़िता का आरोप है कि सहायक श्रमायुक्त कई दिन से उसे परेशान कर रहे हैं। वह देर रात नशे की हालत में वीडियो कॉल करते हैं।
कार्यस्थल पर अभद्र व अश्लील टिप्पणियां करते हैं। बार-बार अमर्यादित आचरण कर अपमानित करते हैं। काम नहीं करने देते। अक्सर वह कार्यालय अवधि के बाद रोक लेते हैं तथा अवकाश के दिन भी कार्यालय बुला लेते हैं।
बना रहे हैं समझौते का दबाव
उनकी हरकतों से परेशान होकर 24 जनवरी 2019 को विभाग के अलावा राज्य महिला आयोग से शिकायत की थी। आयोग के निर्देशानुसार हुई विभागीय जांच में रवि श्रीवास्तव दोषी पाए गए हैं। इसके बाद से वह समझौते का दबाव बना रहे हैं। बात न मानने पर लगातार फोन कॉल करके उन्हें व परिवारीजनों को जानमाल की धमकी दी जा रही है।
धमकियों के चलते ही पीड़िता तनाव में रहने लगीं। 16 फरवरी की रात उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वह बेहोश हो गईं। उन्हें लारी कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में ले जाया गया तब जान बच सकी। पीड़िता का आरोप है कि सहायक श्रमायुक्त ने 26 मार्च को वॉट्सएप कॉल करके पीड़िता व उसके पति को धमकाया था।