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पिता ने किया बेटी का सौदा, जरा सी हिम्मत से मिली आईजी की मदद और नर्क से मुक्ति
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 04 May 2017 01:37 PM IST
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लखनऊ में शादी के नाम पर 30000 रुपये में नाबालिग बेटी का सौदा करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आईजी अमिताभ ठाकुर ने मामले की शिकायत गोमतीनगर पुलिस से की।
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इसके बाद किशोरी के पिता और पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इंस्पेक्टर विजयमल यादव का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। आईजी ने बताया कि मंगलवार को एक महिला उनके पास 16 वर्षीय किशोरी को लेकर आई थी।
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महिला ने बताया कि किशोरी के पिता मजदूरी करते हैं। दो साल पहले उन्होंने 21 वर्षीय युवक से जबरन उसकी शादी करा दी। किशोरी का पिता और पति दोनों शराब के लती हैं।
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पति शराब पीकर उसके साथ दुर्व्यवहार करता है। किशोरी शिकायत करती है तो पिता नजरअंदाज कर देते हैं। दो साल से वह नारकीय जीवन जी रही थी। महिला से मुलाकात के बाद उसे भविष्य की उम्मीद जगी तो वह उसके साथ आईजी से मिलने आ गई।
बच्ची को मिलेगी हर कानूनी सहायता
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आईजी का कहना है कि किशोरी के पिता ने शादी के नाम पर 30000 रुपये में उसका सौदा किया था। उसकी मददगार महिला ने पिता और पति को समझाने की कोशिश की तो उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
गाली-गलौज, जानमाल की धमकी और बाल विवाह अवरोध अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना दरोगा वीरेंद्र बहादुर को सौंपी गई है। आईजी ने बताया कि किशोरी पढ़ने में तेज है और स्कूल जाना चाहती है। वह शादी नहीं करना चाहती थी लेकिन पिता ने जबरन विवाह करा दिया।
उसने कहा था कि शादी अभी कर रहे हैं और गौना बाद में किया जाएगा। इससे वह घर पर रहकर पढ़ाई व अपने बाकी काम कर सकेगी। हालांकि, शादी होते ही उसने बेटी को विदा कर दिया। ससुराल में उस पर नजर रखी जाती थी।
घर से बाहर नहीं जाने दिया जाता था। किसी तरह वह ससुराल से मायके आई और मददगार महिला से संपर्क होने के बाद आईजी के पास पहुंच गई। इस वक्त वह एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ रही है।
उसकी दो छोटी बहन और एक भाई है लेकिन कोई स्कूल नहीं जाता है। आईजी ने कहा कि बच्ची की पढ़ाई रुकने नहीं दी जाएगी। उसे हर कानूनी सहायता मिलेगी।
गाली-गलौज, जानमाल की धमकी और बाल विवाह अवरोध अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना दरोगा वीरेंद्र बहादुर को सौंपी गई है। आईजी ने बताया कि किशोरी पढ़ने में तेज है और स्कूल जाना चाहती है। वह शादी नहीं करना चाहती थी लेकिन पिता ने जबरन विवाह करा दिया।
उसने कहा था कि शादी अभी कर रहे हैं और गौना बाद में किया जाएगा। इससे वह घर पर रहकर पढ़ाई व अपने बाकी काम कर सकेगी। हालांकि, शादी होते ही उसने बेटी को विदा कर दिया। ससुराल में उस पर नजर रखी जाती थी।
घर से बाहर नहीं जाने दिया जाता था। किसी तरह वह ससुराल से मायके आई और मददगार महिला से संपर्क होने के बाद आईजी के पास पहुंच गई। इस वक्त वह एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ रही है।
उसकी दो छोटी बहन और एक भाई है लेकिन कोई स्कूल नहीं जाता है। आईजी ने कहा कि बच्ची की पढ़ाई रुकने नहीं दी जाएगी। उसे हर कानूनी सहायता मिलेगी।