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दामाद की हत्या कर घर में छिपाए रहा शव, दुर्गंध आने पर ठिकाने लगाने की रची साजिश, धरा गया

Thu, 09 Jan 2020 04:31 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 09 Jan 2020 04:31 PM IST
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father-in-law murdered his son-in-law, arrested in lucknow
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

लखनऊ में तालकटोरा की सपना कॉलोनी में रहने वाले सेतु निगम से रिटायर्ड इंजीनियर निजामुद्दीन ने ठाकुरगंज निवासी दामाद कलाम की हत्या कर दी। शव को तीन दिन तक घर में छिपाकर रखा। दुर्गंध आने पर बाजार से संदूक खरीदा और पन्नी में शव लपेटकर कुनैन व ओडोनिल की टिकिया डालकर पिकप वाहन से उसे ठिकाने लगाने निकल पड़ा।

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बस्ती में बड़ेवन पुलिस चौकी के पास उसने पिकप वाहन से संदूक उतरवाया तो पुलिस को शक हुआ। तलाशी लेने पर संदूक के भीतर शव देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। निजामुद्दीन को गिरफ्तार करके बस्ती पुलिस ने तालकटोरा पुलिस से संपर्क किया है। हालांकि, तालकटोरा इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने मामले की जानकारी से इनकार किया है।
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पुलिस ने बताया कि निजामुद्दीन मूलरूप से देवरिया कोतवाली क्षेत्र के भरौली गांव का है और कई साल से परिवार समेत तालकटोरा की सपना कॉलोनी में रह रहा है। वह वर्ष 2011 में सेतु निगम में इंजीनियर के पद से बस्ती से रिटायर हुआ था। उसका अपने दामाद ठाकुरगंज निवासी कलाम से रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था।
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दामाद ने निजामुद्दीन के रिटायरमेंट के बाद उससे चार लाख रुपया उधार लिया था। रुपया वापस मांगने पर वह आनाकानी कर रहा था। तीन जनवरी को कलाम उसके घर आया, जहां रुपयों को लेकर ससुर से झगड़ा हुआ। मारपीट में कलाम की मौत हो गई।

शव पन्नी में लपेटा और दुर्गंध छिपाने के लिए गोलियां डाल दीं

निजामुद्दीन ने उसका शव घर पर ही छिपा दिया। चार दिन बाद दुर्गंध आने पर उसने शव ठिकाने लगाने की साजिश रची और बाजार से संदूक खरीदकर लाया। इसके बाद शव पन्नी में लपेटकर दुर्गंध छिपाने के लिए कुनैन व ओडोनिल की गोलियां डाल दीं और संदूक बंद कर दिया।

बस्ती के लिए छह हजार रुपये में पिकप वाहन बुक कराया। बस्ती पहुंचने पर बड़ेवन पुलिस चौकी के पास उसने पिकप वाहन से संदूक उतरवाया तो पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि बस्ती में निजामुद्दीन ने लंबे अरसे तक नौकरी की थी। शव ठिकाने लगाने के लिए वही जगह उसे मुफीद लगी।

चालक से कहा- संदूक में हैं रिटायरमेंट पेपर

बड़ेवन चौकी इंचार्ज विनोद यादव ने बताया कि निजामुद्दीन ने पिकप वाहन के चालक से कहा था कि संदूक में उसके रिटायरमेंट से संबंधित कागजात हैं। यह कागजात बड़ेवन पहुंचाने हैं। चालक उसकी बातों पर भरोसा करके चल पड़ा।

वह संदूक छोड़कर वापस लखनऊ चला गया तभी बड़ेवन चौकी की पुलिस आ गई। बुधवार शाम क्षेत्र में फायरिंग और छावनी में मुठभेड़ होने के कारण पुलिस खासी चौकन्नी थी। चौकी के अंदर बैठे पुलिसकर्मी फोरलेन पर आने-जाने वाले वाहनों की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे थे।
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