फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Farmers demand 400 rupees quintal cane price, sugar industry said, rate not to be increased

किसानों ने मांगा 400 रुपये कुंतल गन्ना मूल्य, शुगर इंडस्ट्री ने कहा, रेट न बढ़ाया जाए

Fri, 06 Nov 2020 09:37 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 06 Nov 2020 09:37 PM IST
विज्ञापन
Farmers demand 400 rupees quintal cane price, sugar industry said, rate not to be increased
गन्ना - फोटो : अमर उजाला
गन्ना मूल्य निर्धारण के लिए शुक्रवार को आयोजित बैठक में किसानों ने मौजूदा पेराई सत्र के लिए 400 रुपये कुंतल रेट तय करने की मांग की। इसके विपरीत यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन ने कहा कि गन्ना मूल्य में वृद्धि न की जाए। चीनी मिलों को तीन किस्तों में गन्ना मूल्य भुगतान की इजाजत दी जाए।
विज्ञापन


गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रगतिशील किसानों के साथ ही शुगर इंड्स्ट्री के प्रतिनिधि, गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर के वैज्ञानिक मौजूद रहे। गन्ना शोध परिषद के निदेशक ने गन्ना उत्पादन लागत के संबंध में अपनी रिपोर्ट आयुक्त को सौंपी। सूत्रों के मुताबिक शोध परिषद ने गन्ने की उत्पादन लागत का आकलन 300 रुपये प्रति कुंतल किया है।
विज्ञापन


शाहजहांपुर के कौशल किशोर, लखीमपुर के कल्बे हसन, पिपराइच के वीरेन्द्र प्रताप सिंह और फरीदपुर, बरेली के विशाल चौधरी ने गन्ना लागत का हवाला देते हुए 370 से 430 रुपये कुंतल तक गन्ना मूल्य की मांग की। किसानों का कहना था कि पिछले दो सालों में गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं की गई है। किसानों को समय से गन्ना मूल्य का भुगतान भी नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा तीन सालों में लागत में बेतहाशा वृद्धि को देखते हुए गन्ना मूल्य 400 रुपये कुंतल घोषित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


चीनी मिलों की ओर से यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन के महासचिव दीपक गुप्तारा ने लिखित व मौखिक रूप से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि चीनी की उत्पादन लागत 3450 रुपये प्रति कुंतल है जबकि चीनी की बिक्री औसतन 3220 रुपये प्रति कुंतल की दर हो रही है। इस तरह चीनी उत्पादन से मिलों को 230 रुपये प्रति कुंतल का घाटा हो रहा है। पेराई सत्र 2020-21 में देश में चीनी उत्पादन 310 लाख टन होने का अनुमान है। इससे चीनी के रेट और नीचे आने की उम्मीद है।


उन्होंने मांग की कि  चालू पेराई सीजन 2020-21 के लिए गन्ना मूल्य न बढ़ाया जाए। गन्ना मूल्य भुगतान तीन किस्तों में देने की व्यवस्था की जाए, ढुलाई भाड़ा वास्तविक लिया जाए और रिजर्व शीरे की खरीद बाजार भाव से की जाए। इसके अलावा उन्होंने चीनी के न्यूनतम विक्रय मूल्य 3100 रुपये क्विंटल को बढ़ाने की मांग की है यह भी कहा है कि केंद्र सरकार ने 2020-21 की निर्यात नीति जल्द जारी कराई जाए। दीपक गुप्तारा ने यह भी कहा कि सहकारी गन्ना समितियों का कमीशन प्रति कुंतल दो रुपये निर्धारित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed