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14 साल से मुआवजे की बाट जोह रहे किसान
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 16 May 2014 02:44 AM IST
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सरयू नहर खंड प्रथम गोंडा ने नहर के लिए किसानों की जमीन करीब 14 वर्ष पूर्व ले ली लेकिन किसानों को जमीन का मुआवजा नहीं दिया।
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किसान मुआवजे के लिए न्यायालय के चक्कर काट रहे है। किसानों ने डीएम से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
बलरामपुर के रेहरा बाजार के ग्राम सोनापार मजरे शुकुलपुरवा निवासी किसान जगराम, पूजाराम, जेपी शुक्ला, एके शुक्ला, टीएल शुक्ला, अनिल यादव, घनश्याम, सीताराम व इंदर कोरी जो कि किसान हैं।
किसानों ने बताया कि सरयू नहर खंड प्रथम गोंडा ने बस्ती शाखा नहर निर्माण के लिए करीब 14 वर्ष पूर्व उनकी जमीन नहर के लिए अधिगृहितत की थी।
मुआवजे के नाम पर आज तक किसानों को फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। किसानों ने मुआवजे के लिए न्यायालय की भी शरण ली लेकिन मामला निस्तारित नहीं हो सका है।
किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग ने जबरन उनके खेतों में नहर की खुदाई भी करा डाली।
नहर के लिए बैनामा कराई गई किसानों की जमीन से अधिक कब्जा भी सिंचाई विभाग ने कर लिया है।
किसानों ने डीएम को पत्र भेजकर जमीन का मुआवजा दिलाने की मांग की है।