आसमान से बरसी आफत उड़ी किसानों की नींद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूबे के मौसम में अचानक आए बदलाव ने किसानों की नीदें उड़ा दी हैं। शनिवार को सूबे के कई इलाकों में तेज अंधड़ और गरज-चमक के साथ बारिश हुई।
पश्चिमी यूपी खासकर गाजियाबाद और मेरठ से सटे क्षेत्रों में तेज अंधड़ के साथ सुपारी के आकार के ओले बरसे। इससे गई जगह गेहूं, सरसों की फसलें बिछ गई हैं।
एक हफ्ते के भीतर तीसरी बार मौसमी उठापठक ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। मौसम विज्ञानियों ने रविवार को भी कुछेक इलाकों में ओले पड़ने की चेतावनी जारी की है।
प्रदेश में वाराणसी, इलाहाबाद, फुर्सतगंज, झांसी, मेरठ, चुर्क, बाराबंकी, कानपुर आईएएफ, लखनऊ, बांदा समेत कई स्थानों पर 0.3 मिमी. से 2.8 मिमी. तक बारिश दर्ज की गई।
वहीं, रात को मेरठ, जौनपुर समेत तराई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारों ने दोबारा दस्तक दी। मेरठ, उरई, हमीरपुर, मुजफ्फरनगर में कई स्थानों पर बिजली गिरने की भी सूचना है।
अचानक क्यों बदल गया मौसम
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्त ने बताया कि पहाड़ों पर सक्रिय हुये पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के पास बने साइक्लोनिक सिस्टम केचलते मौसम में यह बदलाव आया है।
आगे क्या : रविवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही के बीच बूंदाबांदी हो सकती है। कुछेक स्थानों पर ओले गिर सकते हैं। सोमवार से मौसम सामान्य होना शुरू हो जाएगा।
फसलों पर असर :छोटे हो जाएंगे गेहूं के दाने
तेज हवाओं से गेहूं, सरसों की खड़ी फसल गिर गई है। इससे इनकी पैदावार पर असर पड़ेगा। गेहूं के दाने सिकुड़ सकते हैं। सरसों बरबाद हो सकती है।
आम पर संकट, गिर गए 30 फीसदी बौर
आंधी-बारिश से आम की फसल पर संकट पैदा हो गया है। कारोबारियों की मानें तो 25 से 30 प्रतिशत तक बौर गिर गए हैं। वहीं, मौसम में नमी केचलते दहिया जैसे रोगों के बढ़ने की भी आशंका पैदा हो गई है। इससे आम कारोबारी चिंतित हो गए हैं।