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प्रेमिका को शॉपिंग थी करानी, रची खुद के अपहरण की कहानी
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माल इलाके में प्रेमिका के साथ मिलकर किसान के बेटे ने पहले अपने अपहरण की फर्जी कहानी रची।
इसके बाद परिवारीजनों को कई वीडियो भेजकर एक लाख की फिरौती की मांग कर डाली। जांच में जुटी पुलिस ने दोनों को पकड़कर मामले का पर्दाफाश कर दिया।
पूछताछ में युवक ने कुबूला कि प्रेमिका को शॉपिंग कराने के लिए खुद के अपहरण का नाटक रचा था। दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
एसओ रविंद्र कुमार के अनुसार, रनीपारा गांव निवासी किसान भइयालाल का बेटा आशीष रावत (30) बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े सात बजे सरसंडा गांव में आयोजित एक तिलक समारोह में गया था।
देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसे कई बार कॉल की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इस बीच युवक की बहन शिवानी के मोबाइल पर कई वीडियो आए, जिसमें आशीष रस्सियों से बंधा हुआ था। फिरौती के लिए परिजनों से एक लाख रुपये की मांग की गई।
साथ ही मेसेज था कि पुलिस को सूचना दी तो आशीष जिंदा नहीं मिलेगा। इससे पूरा परिवार सहम गया।
हिम्मत दिखाते हुए भइयालाल ने शनिवार सुबह घटना की जानकारी पुलिस को दी। आला अफसरों के निर्देश के बाद सर्विलांस सेल सहित स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई।
कई घंटे की पड़ताल के बाद आशीष के मोबाइल की लोकेशन रामपुर मजरा मसीढ़ा रतन गांव में मिली। लोकेशन को ट्रेस करते हुए पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो वहां आशीष और उसकी प्रेमिका मुन्नी थी।
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पुलिस ने किडनैपरों के बारे में पूछा तो आशीष के हाथपांव फूल गए। पूछताछ में उसने बताया कि प्रेमिका को घुमाने व खरीददारी के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसीलिए खुद के अपहरण की कहानी रची थी।
घटना का खुलासा करने में एसओ, प्रभारी सर्विलांस सेल अनूप, मुख्य आरक्षी सर्विलांस रामनरेश कनौजिया, आरक्षी जयबहादुर राय, धर्मेंद्र कुमार पटेल, धीरेंद्र मौर्या व आरक्षी बबीता कुमारी ने अहम भूमिका निभाई।
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इसके बाद परिवारीजनों को कई वीडियो भेजकर एक लाख की फिरौती की मांग कर डाली। जांच में जुटी पुलिस ने दोनों को पकड़कर मामले का पर्दाफाश कर दिया।
पूछताछ में युवक ने कुबूला कि प्रेमिका को शॉपिंग कराने के लिए खुद के अपहरण का नाटक रचा था। दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
एसओ रविंद्र कुमार के अनुसार, रनीपारा गांव निवासी किसान भइयालाल का बेटा आशीष रावत (30) बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े सात बजे सरसंडा गांव में आयोजित एक तिलक समारोह में गया था।
देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसे कई बार कॉल की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इस बीच युवक की बहन शिवानी के मोबाइल पर कई वीडियो आए, जिसमें आशीष रस्सियों से बंधा हुआ था। फिरौती के लिए परिजनों से एक लाख रुपये की मांग की गई।
साथ ही मेसेज था कि पुलिस को सूचना दी तो आशीष जिंदा नहीं मिलेगा। इससे पूरा परिवार सहम गया।
हिम्मत दिखाते हुए भइयालाल ने शनिवार सुबह घटना की जानकारी पुलिस को दी। आला अफसरों के निर्देश के बाद सर्विलांस सेल सहित स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई।
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कई घंटे की पड़ताल के बाद आशीष के मोबाइल की लोकेशन रामपुर मजरा मसीढ़ा रतन गांव में मिली। लोकेशन को ट्रेस करते हुए पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो वहां आशीष और उसकी प्रेमिका मुन्नी थी।
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पुलिस ने किडनैपरों के बारे में पूछा तो आशीष के हाथपांव फूल गए। पूछताछ में उसने बताया कि प्रेमिका को घुमाने व खरीददारी के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसीलिए खुद के अपहरण की कहानी रची थी।
घटना का खुलासा करने में एसओ, प्रभारी सर्विलांस सेल अनूप, मुख्य आरक्षी सर्विलांस रामनरेश कनौजिया, आरक्षी जयबहादुर राय, धर्मेंद्र कुमार पटेल, धीरेंद्र मौर्या व आरक्षी बबीता कुमारी ने अहम भूमिका निभाई।