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बच्चे की मौत, ट्रामा में हंगामा
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ट्रॉमा में मासूम की मौत, हंगामा
ट्रॉमा सेंटर में भी शनिवार को बच्चे की मौैत के बाद परिवारीजनों ने हंगामा किया। उन्होंने चिकित्सकों पर अभद्रता और सुरक्षाकर्मियों पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है।
देवरिया निवासी आनंद दीक्षित के आठ माह के बच्चे को शनिवार को पीआईसीयू में भर्ती कराया गया था जहां शाम करीब छह बजे उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप है कि ट्रॉमा आने के बाद करीब घंटेभर उन्हें कैजुअल्टी वार्ड में बैठाए रखा गया, जबकि बच्चे की हालत गंभीर थी। उसने कई बार चिकित्सकों से देखने की गुहार लगाई, लेकिन सुना नहीं गया। करीब छह बजे उसे एनआईसीयू में ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। उसने आरोप लगाया कि सही समय पर बच्चे को वार्ड में भर्ती कर लिया गया होता तो उसकी जान बच जाती। इस बात को लेकर तीमारदार हंगामा करने लगे। इस पर डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाल दिया। ट्रॉमा प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी का कहना है कि इलाज में लापरवाही नहीं हुई है। परिवारीजन हंगामा कर रहे थे। इस वजह से सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला।
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ट्रॉमा सेंटर में भी शनिवार को बच्चे की मौैत के बाद परिवारीजनों ने हंगामा किया। उन्होंने चिकित्सकों पर अभद्रता और सुरक्षाकर्मियों पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है।
देवरिया निवासी आनंद दीक्षित के आठ माह के बच्चे को शनिवार को पीआईसीयू में भर्ती कराया गया था जहां शाम करीब छह बजे उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप है कि ट्रॉमा आने के बाद करीब घंटेभर उन्हें कैजुअल्टी वार्ड में बैठाए रखा गया, जबकि बच्चे की हालत गंभीर थी। उसने कई बार चिकित्सकों से देखने की गुहार लगाई, लेकिन सुना नहीं गया। करीब छह बजे उसे एनआईसीयू में ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। उसने आरोप लगाया कि सही समय पर बच्चे को वार्ड में भर्ती कर लिया गया होता तो उसकी जान बच जाती। इस बात को लेकर तीमारदार हंगामा करने लगे। इस पर डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाल दिया। ट्रॉमा प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी का कहना है कि इलाज में लापरवाही नहीं हुई है। परिवारीजन हंगामा कर रहे थे। इस वजह से सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला।
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