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Lucknow News: गिरता पारा बढ़ा रहा आलू किसानों की मुश्किलें

Sun, 08 Jan 2023 08:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2023 08:30 AM IST
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Falling temperature is increasing the problems of potato farmers
मौसम में हुए अचानक परिवर्तन से आलू की फसल बहुत अधिक प्रभावित हो रही है। गिरता पारा आलू किसानों की मुश्किलें बढ़ा रहा है।
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पिछले वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष आलू का रकबा भी कम हुआ है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका से किसान परेशान हैं।
चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय के कृषि कीट विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पारे का निरंतर गिरना आलू, टमाटर, मिर्च एवं मटर, शिमला आदि फसलों के लिए बहुत हानिकारक होता है।
प्रमुख रूप से इस समय आलू की फसल पर झुलसा बीमारी का प्रकोप बढ़ता है। डॉ. सत्येंद्र कहते हैं कि यदि समय से बीमारी का प्रबंधन कर लें तो उत्पादन प्रभावित नहीं होगा।
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यह रोग पौधों के पत्तियों, डंठलों एवं कंदों पर दिखाई देने लगता है। इसके प्रारंभिक लक्षण पत्तियों पर छोटे हल्के-पीले हरे अनियमित आकार के धब्बों के रूप में दिखाई देते हैं।
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ये धब्बे तेजी से बढ़ते हैं और गीले दिखाई देते हैं। इसके बाद ये धब्बे चारों ओर अंगूठीनुमा सफेद फफूंदी जैसा जमा लेते हैं। हमारे किसान इस बीमारी को आसानी से पहचान लेते हैं।

डॉ. सत्येंद्र कहते हैं कि सलाह दी जाती है कि ऐसी स्थिति में दो किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से कॉपर ऑक्सिक्लोराइड का छिड़काव कर देना चाहिए।
अधिक प्रकोप की दशा में फफूंदी नाशक मैनकोजेब दो ग्राम दवा का प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए।
यदि यह दवा उपलब्ध नहीं होती है तो कार्बेंडाजिम नामक फफूंदी नाशक की तीन ग्राम मात्रा को एक लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करना लाभप्रद होता है।
झुलसा की समस्या नहीं होने पर भी करते रहें फसल की निगरानी
डॉ. सिंह ने बताया कि आलू में इस समय कंद बनना प्रारंभ हो जाता है, जिन किसान भाइयों ने नवंबर में बुवाई की थी अभी झुलसा की समस्या नहीं है फिर भी फसल की निगरानी करते रहें। जब उनका आलू 70 से 80 दिन का हो जाए तो प्रति बीघा 10 किलोग्राम नाइट्रोजन तथा 2 किलोग्राम सल्फर का इस्तेमाल करने से आलू में कंदों का आकार एक समान हो जाता है और उत्पादन भी बढ़ जाता है। फफूंदी नाशक का छिड़काव करते समय ध्यान रखें कि खेत बहुत गीला नहीं होना चाहिए और अच्छी धूप निकली हुई हो छिड़काव लाभदायक होता है। फफूंदी नाशक का घोल अधिक समय तक बनाकर नहीं रखना चाहिए।
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