फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   fake warning on violent

सपा सरकार में हो चुके हैं अब तक 40 दंगे

Thu, 01 Aug 2013 02:07 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 01 Aug 2013 02:07 PM IST
विज्ञापन
fake warning on violent

अफसर सिर्फ वादे कर रहे हैं और चेतावनियां दे रहे हैं, लेकिन प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा के वाकये थम नहीं रहे।

विज्ञापन


नोएडा, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर नगर में हाल में हुए सांप्रदायिक संघर्ष को लेकर उठे सवालों का जवाब देने का सिलसिला अभी थमा नहीं था कि अब राजधानी में हिंसक संघर्ष हो गया।

ऐसे माहौल में सरकार के जिम्मेदारी अधिकारी बार-बार ऐसी वारदात को रोकने के दावे करते नहीं थक रहे।

राज्य के मुख्य सचिव इस बात की चेतावनी दे चुके हैं कि जिस जिले में सांप्रदायिक संघर्ष होगा, वहां के डीएम व एसपी इसके लिए जिम्मेदार माने जाएंगे।

मुख्य सचिव जावेद उस्मानी के इस बयान पर भी फिलहाल कोई अमल नहीं हुआ है। समाजवादी पार्टी की सरकार में अब तक 40 से अधिक दंगे और हिसंक संघर्ष हो चुके हैं।
विज्ञापन


सांप्रदायिक संघर्ष व गुटीय हिंसा की लगातार वारदात हो रही हैं, लेकिन कहीं भी अधिकारियों की ढिलाई के लिए किसी को दोषी नहीं माना गया न किसी के खिलाफ कार्रवाई हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


कानून-व्यवस्था पर सरकार का पक्ष रखने के दौरान बुधवार को आईजी कानून-व्यवस्था आरके विश्वकर्मा और विशेष सचिव गृह जेपी त्रिवेदी ने कहा कि संघर्ष पर फौरन काबू पा लिया गया था।


आईजी कानून-व्यवस्था ने यह तो माना कि संघर्ष में पथराव हुआ आठ से अधिक वाहनों को आग लगा दी गई, कुछ दुकानों में लूट-पाट हुई पर फायरिंग होने की बात को वह नकार गए।

हिंसा पर जिले के अफसरों पर कार्रवाई के बाबत मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की चेतावनी पर अफसर चुप्पी साध गए।

दोनों अधिकारियों ने यही कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed