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शिक्षक भर्ती का ऐसा खेल, बड़े-बड़े हो जाएंगे फेल!
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 14 Aug 2013 12:59 PM IST
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सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े का एक बड़ा खेल सामने आया है।
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फर्जीवाड़े के पीछे सक्रिय गिरोह ने बेसिक शिक्षा निदेशक के फर्जी हस्ताक्षर कर 67 अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र जारी कर दिए।
राजधानी में दो शिक्षक तैनाती लेने भी पहुंच गए। हालांकि, एक शिकायत पर हुई जांच के बाद मामले का खुलासा हुआ।
इस पर विभाग ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सावधान रहने को कहा है। साथ ही, ऐसा मामला सामने आने पर नियुक्ति के लिए पहुंचे व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली के मुताबिक प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों को नियुक्ति देने का अधिकार बेसिक शिक्षा अधिकारी को होता है।
राजधानी की एक एडवोकेट माधुरी भूषण तिवारी ने एक पत्र लिखकर शिक्षक पद पर फर्जी नियुक्ति के संबंध में शिकायत की थी। इसके बाद बेसिक शिक्षा परिषद निदेशालय के स्तर पर जांच शुरू हुई।
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जांच में 67 अभ्यर्थियों को निर्गत सभी नियुक्ति-पत्रों पर निदेशक वासुदेव यादव के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई। मामले में विभागीय अधिकारियों और बाबुओं के शामिल होने की भी आशंका है।
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फर्जीवाड़े के पीछे के मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए शिक्षा निदेशक (बेसिक) के वैयक्तिक सहायक प्रवीण मणि त्रिपाठी ने सभी बीएसए को सावधान रहने की सलाह दी है।
साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि 200/निदेशक/बेसिक/2012-13 दिनांक 24 अप्रैल 2013 पत्र लेकर यदि कोई व्यक्ति उनके पास आता है तो तत्काल उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं।
जांचकर्ताओं की मानें तो जारी किए गए सभी नियुक्ति-पत्र हू-ब-हू विभागीय पत्रावली जैसे हैं। बिना गहन जांच के इसकी असलियत पता कर पाना संभव नहीं है।
इसलिए माना जा रहा है कि ये काम बिना किसी अंदर वाले की मिलीभगत के संभव ही नहीं होगा। इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे करोड़ों रुपये के खेल की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।
नियुक्ति लेने पहुंचे दो शख्स
इस फर्जीवाड़े का संचालन कर रहे गिरोह ने हाल में हुए तबादले की प्रक्रिया के चलते इन शिक्षकों को तैनाती करवाने का षड्यंत्र बनाया था।
इसी पत्रांक संख्या से जारी नियुक्ति-पत्र के आधार पर करीब तीन सप्ताह पहले दो शिक्षक राजधानी के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में नियुक्ति के लिए पहुंचे।
उनकी तैनाती कुछ दिन के लिए टाल दी गई थी। हालांकि, इस खुलासे के बाद अब उनकी तलाश भी शुरू हो गई है।