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Lucknow News: फर्जी आईएएस की कई आईपीएस से थी सांठगांठ
Fri, 05 Sep 2025 02:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 05 Sep 2025 02:32 AM IST
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लखनऊ। खुद को आईएएस बताने वाले सौरभ त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद कई राज सामने आ रहे हैं। छानबीन में पता चला कि सौरभ के कई वरिष्ठ आईपीएस से घनिष्ठ संबंध थे। बताया जा रहा है कि कुछ अधिकारियों की सौरभ के साथ व्यापार में साझेदारी भी थी। वजीरगंज पुलिस आरोपी के करीबियों की कुंडली खंगाल रही है।
सूत्रों का कहना है कि बुधवार को आरोपी के बच्चों का बर्थडे था। एक क्लब में दावत भी रखी गई थी। करीबियों को न्योता भी भेजा जा चुका था। इसी बीच पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। सौरभ को छोड़ने के लिए कई अधिकारियों ने पैरवी भी की, लेकिन अपनी गर्दन फंसता देख वे पीछे हट गए। उधर, सौरभ के गिरफ्तार होने के बाद बर्थडे पार्टी निरस्त कर दी गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को अलग-अलग विभागों का निदेशक बताता था। पुलिस अब यह पता कर रही है कि आरोपी के पास से बरामद गाड़ियां किन लोगों के नाम पर हैं।
पहले भी कर चुका है फर्जीवाड़ा
इंस्पेक्टर वजीरगंज ने बताया कि आरोपी आईटी पास है। वह काफी समय पहले सीडॉट कॉम कंपनी में काम करता था, जो केंद्र में गृह मंत्रालय के लिए कार्य करती थी। पूछताछ में सौरभ ने बताया कि उसने कंपनी में रहते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी की मेल आईडी हैक कर ली थी। इसकी जानकारी होने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। हालांकि, उसकी लॉगइन आईडी बंद नहीं की गई थी। इसके जरिये उसने नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) की मेल आईडी बनाई और फर्जीवाड़ा करता रहा। पुलिस आरोपी के पास से बरामद लैपटॉप की मदद से उसके कनेक्शन का पता लगा रही है।
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सोशल मीडिया पर था सक्रिय
सौरभ ने सोशल मीडिया पर कई अकाउंट बना रखे थे। वह सोशल मीडिया पर सक्रिय था और लगातार पोस्ट करता रहता था। सोशल मीडिया पर वह खुद के विशेष सचिव होने का दावा करता था। यही नहीं, आरोपी ने खुद के लिए कैबिनेट स्पेशल सेक्रेटरी भारत सरकार तो कभी सेक्रेटरी अर्बन-रूरल डेवलपमेंट यूपी लिखा था।
ये है मामला
वजीरगंज पुलिस ने बुधवार को सुबह कार पर जॉइंट डायरेक्टर आईटी का पास लगाकर घूम रहे फर्जी आईएएस सौरभ को गिरफ्तार किया था। आरोपी के पास से छह लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई थीं। इनमें से चार गाड़ियों पर फर्जी सचिवालय का पास और एक पर संयुक्त सचिव भारत सरकार का पास लगा हुआ था। आरोपी सरकारी प्रोटोकॉल के लिए ऐसा करता था।
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सूत्रों का कहना है कि बुधवार को आरोपी के बच्चों का बर्थडे था। एक क्लब में दावत भी रखी गई थी। करीबियों को न्योता भी भेजा जा चुका था। इसी बीच पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। सौरभ को छोड़ने के लिए कई अधिकारियों ने पैरवी भी की, लेकिन अपनी गर्दन फंसता देख वे पीछे हट गए। उधर, सौरभ के गिरफ्तार होने के बाद बर्थडे पार्टी निरस्त कर दी गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को अलग-अलग विभागों का निदेशक बताता था। पुलिस अब यह पता कर रही है कि आरोपी के पास से बरामद गाड़ियां किन लोगों के नाम पर हैं।
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पहले भी कर चुका है फर्जीवाड़ा
इंस्पेक्टर वजीरगंज ने बताया कि आरोपी आईटी पास है। वह काफी समय पहले सीडॉट कॉम कंपनी में काम करता था, जो केंद्र में गृह मंत्रालय के लिए कार्य करती थी। पूछताछ में सौरभ ने बताया कि उसने कंपनी में रहते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी की मेल आईडी हैक कर ली थी। इसकी जानकारी होने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। हालांकि, उसकी लॉगइन आईडी बंद नहीं की गई थी। इसके जरिये उसने नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) की मेल आईडी बनाई और फर्जीवाड़ा करता रहा। पुलिस आरोपी के पास से बरामद लैपटॉप की मदद से उसके कनेक्शन का पता लगा रही है।
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सोशल मीडिया पर था सक्रिय
सौरभ ने सोशल मीडिया पर कई अकाउंट बना रखे थे। वह सोशल मीडिया पर सक्रिय था और लगातार पोस्ट करता रहता था। सोशल मीडिया पर वह खुद के विशेष सचिव होने का दावा करता था। यही नहीं, आरोपी ने खुद के लिए कैबिनेट स्पेशल सेक्रेटरी भारत सरकार तो कभी सेक्रेटरी अर्बन-रूरल डेवलपमेंट यूपी लिखा था।
ये है मामला
वजीरगंज पुलिस ने बुधवार को सुबह कार पर जॉइंट डायरेक्टर आईटी का पास लगाकर घूम रहे फर्जी आईएएस सौरभ को गिरफ्तार किया था। आरोपी के पास से छह लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई थीं। इनमें से चार गाड़ियों पर फर्जी सचिवालय का पास और एक पर संयुक्त सचिव भारत सरकार का पास लगा हुआ था। आरोपी सरकारी प्रोटोकॉल के लिए ऐसा करता था।