{"_id":"60af635d912a7a703a341e30","slug":"fake-assistant-commissioner-arrested-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ: जीएसटी के फर्जी असिस्टेंट कमिश्नर समेत दो गिरफ्तार, चेकिंग के नाम पर वसूली करने पहुंचे थे दोनों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ: जीएसटी के फर्जी असिस्टेंट कमिश्नर समेत दो गिरफ्तार, चेकिंग के नाम पर वसूली करने पहुंचे थे दोनों
Fri, 28 May 2021 02:30 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 28 May 2021 02:30 AM IST
सार
फर्जी असिस्टेंट कमिश्नर दवा की दुकान पर वसूली करने पहुंचा था। इस दौरान बातचीत में दुकानदार ने उन्हें पहचान लिया और पुलिस को खबर कर दी। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन
गिरफ्तार किए गए आरोपी।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमों ने गुरुवार सुबह दवा की दुकान पर चेकिंग करने पहुंचे जीएसटी के फर्जी असिस्टेंट कमिश्नर समेत दो जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों नीली बत्ती लगी कार से दवा की दुकान पर चेकिंग करने पहुंचे थे। आरोपियों के पास से फर्जी पहचान पत्र भी मिला है। इन दोनों के दो साथियों को गाजीपुर पुलिस ने दो दिन पहले ही रेमडेसिविर इंजेक्शन व लग्जरी वाहन के साथ गिरफ्तार किया था। जिनसे पूछताछ के बाद गुरुवार को इन दोनों को भी दबोच लिया गया।
विज्ञापन
पीजीआई के पास एक मेडिकल स्टोर पर गुरुवार सुबह नीली बत्ती लगी कार से दो युवक पहुंचे। कार पर भारत सरकार भी लिखा था। इनमें से एक ने दुकानदार से खुद को जीएसटी का असिस्टेंट कमिश्नर बताया और पहचान पत्र दिखाते हुए चेकिंग करने की बात कही। दुकानदार ने दोनों से बातचीत करने के साथ ही शक होने पर चुपके से पुलिस को सूचना दे दी।
विज्ञापन
इस पर पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों को वहीं से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए रीतेश उपाध्याय व अखंड प्रताप को दो दिन से पुलिस तलाश रही थी। पता चला कि ये दोनों कई दिनों से दवा की दुकानों व एजेंसियों पर चेकिंग के नाम पर वसूली कर रहे थे। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
दरअसल, गाजीपुर थाने की पुलिस ने दो दिन पहले लग्जरी कार सवार दो लोगों को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा था। दोनों से पूछताछ में रीतेश उपाध्याय व अखंड प्रताप सिंह का नाम भी पता चला था। इसके चलते इन दोनों को पुलिस तलाश रही थी और गुरुवार को आखिरकार ये दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए। मामले में पीजीआई थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।