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फैजाबाद सीट: कभी रामनगरी में बजता था कांग्रेस का डंका, 10 वर्षों में 14.45 फीसदी घटा जनाधार, जानिए इतिहास

Thu, 04 Apr 2024 06:31 AM IST
रोहित मिश्र नितिन मिश्र,अमर उजाला , अयोध्या
नितिन मिश्र,अमर उजाला , अयोध्या Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 04 Apr 2024 06:31 AM IST
सार

Faizabad seat: फैजाबाद सीट पर कभी कांग्रेस का डंका बजता था। 2009 के चुनावों में यहां कांग्रेस अंतिम बार जीती थी। आखिरी के दो चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। 

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Faizabad seat: Once upon a time, Congress used to dominate Ramnagari, its voter base decreased by 14.45 percen
निर्मल खत्री ने 2009 के चुनावों में जीत हासिल की थी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रामनगरी में कभी कांग्रेस का डंका बजता था। यहां से चार चुनाव (1957 से 71 तक) में कांग्रेस प्रत्याशियों की लगातार जीत हुई। आजादी के बाद से अब तक फैजाबाद लोकसभा सीट पर सर्वाधिक सात बार कांग्रेस ही जीती। दूसरे स्थान पर भाजपा ने चार बार जीत का परचम लहराया, लेकिन 2009 के बाद से कांग्रेस का मत प्रतिशत लगातार गिरता गया। पिछले 10 वर्षों की बात करें तो इसमें 14.45 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इस बार गठबंधन के तहत कांग्रेस सपा नेता अवधेश प्रसाद को समर्थन दे रही है।

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फैजाबाद लोकसभा सीट के इतिहास पर नजर डालें तो कांग्रेस से डॉ. निर्मल खत्री दो बार, भाजपा से विनय कटियार तीन बार सांसद निर्वाचित हुए। स्व.मित्रसेन यादव भाकपा, सपा व बसपा से अलग-अलग चुनाव लड़कर तीन बार सांसद चुने गए। 1957 में पहली बार इस सीट पर हुए आम चुनाव में इंडियन नेशनल कांग्रेस से राजाराम मिश्र लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए।
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1962 के चुनाव में कांग्रेस के ब्रिजबासी लाल ने जीत हासिल की। 1967 और 1971 में हुए चुनाव में कांग्रेस के रामकृष्ण सिन्हा लगातार दो बार सांसद रहे। 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल के चलते कांग्रेस ने सीट गंवा दी। 1984 में प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस के पक्ष में चली हवा के बीच हुए लोकसभा चुनाव में डॉ. निर्मल खत्री ने बड़ी कामयाबी हासिल की। फिर रामलहर में कांग्रेस को झटके मिलते रहे। अंतिम बार 2009 में कांग्रेस के डॉ.. निर्मल खत्री ने जीत हासिल की थी। तब से लगातार जिले में कांग्रेस के सितारे गर्दिश में हैं।
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इस तरह घटता गया कांग्रेस का जनाधार
वर्ष 2009 के चुनाव में कांग्रेस के निर्मल खत्री 2,11,543 वोट पाकर विजयी हुए थे। दूसरे स्थान पर सपा के मित्रसेन यादव रहे। उन्हें 1,57,315 वोट मिले थे। कांग्रेस को इस चुनाव में 19़ 46 फीसदी वोट मिले थे।

- 2014 के चुनाव में कांग्रेस का मत आठ फीसदी घट गया। इस चुनाव में कांग्रेस चौथे स्थान पर रही। भाजपा के लल्लू सिंह ने 4,91,761 वोट पाकर विजय हासिल की। सपा के मित्रसेन यादव 2,08,986 वोट पाकर दूसरे, बसपा के जितेंद्र सिंह बब्लू 1,41,827 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के डॉ. निर्मल खत्री 1,29,917 वोट पाकर चौथे स्थान पर पहुंच गए। इस चुनाव में कांग्रेस को 11. 95 फीसदी मत मिले।


- 2019 में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. निर्मल खत्री को मात्र 53,386 मत प्राप्त हुए। भाजपा के लल्लू सिंह को 5,29,021 वोट व सपा के आनंद सेन यादव को 4,63,544 मत मिले। इस चुनाव में कांग्रेस का मत प्रतिशत मात्र 4.91 फीसदी रहा।

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