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अयोध्या : कचहरी सीरियल ब्लास्ट में दो आतंकियों को उम्रकैद, 12 साल बाद आया फैसला

Fri, 20 Dec 2019 09:11 PM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, अयोध्या
अमर उजाला ब्यूरो, अयोध्या Published by: Avdhesh Kumar Updated Fri, 20 Dec 2019 09:11 PM IST
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Faizabad court bombings verdict came after 13 years
फैजाबाद कचहरी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कचहरी सीरियल ब्लास्ट में 12 साल लंबी सुनवाई के बाद दो आतंकियों तारिक कासमी और मो. अख्तर उर्फ तारिक को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला जज प्रथम अशोक कुमार ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए दोनों को हत्या व राष्ट्रदोह का दोषी पाया। 
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दोनों को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम व विस्फोटक पदार्थ अधिनियम में भी 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। मंडल कारागार अयोध्या में बंद एक अन्य आरोपी किश्तवाड़ के सज्जादुर्रहमान को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है। दो आरोपियों की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गई थी।
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सुरक्षा कारणों के चलते मंडल कारागार में बनाई गई अस्थाई कोर्टरूम में फैसला सुनाया गया। कानून-व्यवस्था के मद्देनजर आतंकी मो. अख्तर को लखनऊ जेल से नहीं लाया जा सका, इसलिए उसकी सजा का एलान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की गई। दोषी तारिक कासमी आजमगढ़ जबकि मो. अख्तर रामबन का रहने वाला है। 
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सुनवाई के दौरान आरोपी खालिद मुजाहिद निवासी जौनपुर की पेशी पर ले जाते समय बाराबंकी में जबकि आसिफ अमीन की जेल में मौत हो गई थी। आरोपी मो. रियाज उर्फ रियाज भटकल व शादाब बेग अभी भी फरार है। एक अन्य आरोपी सैफ-उर-रहमान केंद्रीय कारागार जयपुर में निरुद्ध है।

वर्ष 2007 को सीरियल ब्लास्ट में 4 की गई थी जान, 24 हुए थे घायल

बार एसोसिएशन पैनल के अधिवक्ता कृष्ण कुमार पांडेय व एडीजीसी विजय कुमार ओझा ने बताया कि वारदात 23 नवंबर 2007 की है। कचहरी परिसर में दो विस्फोटों से पूरा शहर हिल गया था। ब्लास्ट में अधिवक्ता समेत 4 लोगों की मौत हो गई थी। 24 लोग घायल हुए थे। 


बार एसोसिएशन के तत्कालीन मंत्री मंसूर इलाही ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, राष्ट्रद्रोह, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले की विवेचना एटीएस ने की थी। लखनऊ व वाराणसी में भी इसी दिन सीरियल ब्लास्ट हुए थे।
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