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आईआईटी की तर्ज पर हो रही एसईई की काउंसलिंग, इन बातों का रखें ध्यान
Tue, 20 Oct 2020 05:27 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 20 Oct 2020 05:27 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थानों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया सोमवार से शुरू हुई। एसईई की काउंसलिंग में भी इस बार आईआईटी की तर्ज पर सुविधा व व्यवस्था की गई है। काउंसलिंग से जुड़ी तमाम जानकारी जहां विद्यार्थियों को चैट बॉट पर दी जा रही है, वहीं डॉक्यूमेंट संबंधी समस्या के निस्तारण को हर चरण में चार दिन का समय रखा गया है।
अभी तक की व्यवस्था के अनुसार अगर कोई स्टूडेंट्स गलत डॉक्यूमेंट अपलोड करता था या स्कैन ठीक न होने से अपठनीय होता था तो उसका डॉक्यूमेंट रिजेक्ट हो जाता था। इस बार इसमें एक व्यवस्था दे दी गई है। अगर डाक्यूमेंट पूरी तरह से गलत होगा तब तो विवि उसे रिजेक्ट कर देगा, लेकिन अगर वह अपठनीय होगा या उसमें संशोधन की संभावना होगी तो विवि की तरफ से एक मैसेज विद्यार्थी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जाएगा।
उनको निर्धारित समय में रिस्पांस करना होगा। अपना सही डॉक्यूमेंट अपलोड करना होगा। अगर इसके बाद भी वह ऐसा नहीं कर सका तो उसका आवेदन निरस्त हो जाएगा। एसईई के उप समन्वयक अभिषेक नागर ने कहा कि काउंसलिंग में डॉक्यूमेंट अपलोड करने और चॉइस की वरीयता देने में बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है।
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अभी तक की व्यवस्था के अनुसार अगर कोई स्टूडेंट्स गलत डॉक्यूमेंट अपलोड करता था या स्कैन ठीक न होने से अपठनीय होता था तो उसका डॉक्यूमेंट रिजेक्ट हो जाता था। इस बार इसमें एक व्यवस्था दे दी गई है। अगर डाक्यूमेंट पूरी तरह से गलत होगा तब तो विवि उसे रिजेक्ट कर देगा, लेकिन अगर वह अपठनीय होगा या उसमें संशोधन की संभावना होगी तो विवि की तरफ से एक मैसेज विद्यार्थी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जाएगा।
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उनको निर्धारित समय में रिस्पांस करना होगा। अपना सही डॉक्यूमेंट अपलोड करना होगा। अगर इसके बाद भी वह ऐसा नहीं कर सका तो उसका आवेदन निरस्त हो जाएगा। एसईई के उप समन्वयक अभिषेक नागर ने कहा कि काउंसलिंग में डॉक्यूमेंट अपलोड करने और चॉइस की वरीयता देने में बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है।
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सूचना भरने में जल्दबाजी न करें
उन्होंने बताया कि कई बार स्टूडेंट्स डॉक्युमेंट में कोटे के सर्टिफिकेट की जगह आई कार्ड या आधार कार्ड लगा देते हैं। इससे आपका नुकसान हो सकता है। आपका कोटे के लाभ का दावा भी कैंसिल हो सकता है। काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी करने व सूचना भरने में जल्दबाजी न करें।
क्योंकि सीट एलॉटमेंट आपकी रैंक के अनुसार निर्धारित समय पर ही होगा। जल्दी आवेदन करने के आधार पर नहीं। एसईई की प्रवेश काउंसलिंग सोमवार को दोपहर दो बजे से शुरू होनी थी, लेकिन यह एक घंटे देरी से शुरू हुई।
काउंसलिंग में इनका रखें ध्यान
- ओबीसी सर्टिफिकेट 1 अप्रैल 2020 के बाद का हो - ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट 2020-21 के लिए वैध हो - निवास या अन्य प्रमाण पत्र की जगह आधार या आई कार्ड न अपलोड करें - जहां जो जानकारी या डॉक्यूमेंट मांगे गए हैं वहां वही दे
- डॉक्यूमेंट अपलोड करने से पहले देख ले वो पठनीय है या नहीं
क्योंकि सीट एलॉटमेंट आपकी रैंक के अनुसार निर्धारित समय पर ही होगा। जल्दी आवेदन करने के आधार पर नहीं। एसईई की प्रवेश काउंसलिंग सोमवार को दोपहर दो बजे से शुरू होनी थी, लेकिन यह एक घंटे देरी से शुरू हुई।
काउंसलिंग में इनका रखें ध्यान
- ओबीसी सर्टिफिकेट 1 अप्रैल 2020 के बाद का हो - ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट 2020-21 के लिए वैध हो - निवास या अन्य प्रमाण पत्र की जगह आधार या आई कार्ड न अपलोड करें - जहां जो जानकारी या डॉक्यूमेंट मांगे गए हैं वहां वही दे
- डॉक्यूमेंट अपलोड करने से पहले देख ले वो पठनीय है या नहीं