जलकर राख हुई पटाखा फैक्ट्री, महिला की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पटाखों की ये गूंज किसी उत्सव की नहीं थी बल्कि एक हादसे की शक्ल में थी। दिवाली से पहले ही प्रदेश में इस तरह के हादसे रूकने का नाम नहीं ले रहे।
गुरुवार को सीतापुर के हरगांव इलाके में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में एक महिला की मौत हो गई। वहीं दूसरी महिला बुरी तरह से घायल हो गई।
ये हादसा सीतापुर के हरगांव इलाके में एक घर में पटाखे बनाते समय हुआ। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस भी इस मौके पर पहुंच गई।
गुरुवार को पटाखा फैक्ट्री में जो हादसा हुआ। उसको देखकर कहा जा सकता है कि राज्य सरकार सो रही है।
इनको कब मिलेगी मदद
इससे पहले 24 सितंबर को भी मोहनलालगंज के सिसैंडी गांव की पटाखा फैक्ट्री में ऐसा हादसा हुआ था। इस हादसे में करीब 12 लोगों की मौत हो गई।
इसमें पांच साल का एक बच्चा भी शामिल था। ये फैक्ट्री एक मुस्लिम परिवार की थी जिनके पास इसका लाइसेंस भी था।
ये धमाके इतने वीभत्स थे कि घर की छत गायब हो गई थी। छत पर लेटी बेटी के भी चीथड़े उड़ गए और जिस खटिया पर वह लेटी थी, वो दूर नीम के पेड़ पर जा अटकी थी।
इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट में मारे गए लोगों के परिवारजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की थी।
वहीं गंभीर घायलों को 50 हजार, साधारण घायलों को 25 हजार रुपये दिए जाने की घोषणा हुई थी। अभी तक ये पीड़ित सरकार के इस वादे की राह देख रहे हैं। इससे पहले ही दूसरी घटना भी हो गई।