बाराबंकी के 12 मौतों पर हुई कार्रवाई, आबकारी निरीक्षक ओंकारनाथ अग्रवाल निलंबित
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बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से हुई 12 लोगों की मौत के मामले में सरकार के स्तर से दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। इसके तहत आबकारी निरीक्षक ओंकारनाथ अग्रवाल को शुक्रवार को निलंबित करने का फरमान जारी कर दिया गया है।
अग्रवाल को आबकारी आयुक्त के निर्देश पर निलंबित किया गया है। अग्रवाल कई साल से बाराबंकी में ही तैनात थे। इसी बीच एक और व्यक्ति के मौत होने की खबर है।
दरअसल घटना के बाद से ही आबकारी विभाग के अधिकारियों के क्रियाकलापों को लेकर सवाल उठने लगे थे। तभी से यह माना जा रहा था कि कई लोगों पर गाज गिर सकती है।
घटना के बाद हुई जांच के आधार पर पहली कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग ने अग्रवाल पर कार्रवाई की है। उधर इस घटना की जांच के लिए शासन स्तर से भी गृह व आबकारी विभाग की संयुक्त टीम गठित करने का फैसला फिलहाल टाल दिया गया है।
प्रमुख प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि बाराबंकी के डीएम द्वारा इस घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही आबकारी विभाग भी अपने स्तर से पूरे घटनाक्रम की जांच-पड़ताल करा रहा है। इसलिए अब शासन स्तर से संयुक्त टीम बनाकर जांच कराने का फिलहाल औचित्य नहीं है।
फिर भी गृह विभाग पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। प्रमुख सचिव ने बताया कि घटना के बाद जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर आबकारी व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर जांच कराई थी। जिसकी रिपोर्ट गृह विभाग को मिल गई है।
शराब की दुकानों की जांच के लिए चेक प्वाइंट तय
बाराबंकी की घटना के बाद प्रदेश सरकार ने चीनी मिल, आसवनी, देशी व विदेशी शराब केथोक व फुटकर दुकानों के लाइसेंसों की जांच के लिए चेक प्वाइंट का निर्धारण कर दिया है। यह जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव आबकारी कल्पना अवस्थी ने बताया कि जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में टीम बनाकर चेक लिस्ट केआधार पर लाइसेंस की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। प्रमुख सचिव ने बताया कि जांच टीम मादक वस्तुओं के अनौषधीय उपयोग व उसके अवैध तरीकेसे हो रही बिक्री की जांच करेगी।