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लखनऊ: अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी स्वीकार, सीजेएम ने दिया रिहाई का आदेश
Fri, 29 Oct 2021 10:33 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 29 Oct 2021 10:33 PM IST
सार
सीजेएम रवि कुमार गुप्ता ने आरोपी अमिताभ ठाकुर को 40-40 हजार रुपये की दो जमानत दाखिल करने पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।
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अमिताभ ठाकुर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
दुष्कर्म पीड़िता और उसके साथी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तारी के समय पुलिस अभिरक्षा में जाने से इनकार व विरोध करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोपी पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी शुक्रवार को स्वीकार हो गई। सीजेएम रवि कुमार गुप्ता ने आरोपी अमिताभ ठाकुर को 40-40 हजार रुपये की दो जमानत दाखिल करने पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।
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गौरतलब है कि बसपा सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता और उसके साथी ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्महत्या का प्रयास किया था। इसमें दोनों बुरी तरह झुलस गए थे। बाद में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई थी। मामले में एसआईटी ने हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि पीड़िता ने आरोप लगाया है कि दुष्कर्म के आरोपी अतुल राय को बचाने के लिए अमिताभ ठाकुर ने पैसे लेकर आपराधिक षड्यंत्र रचा था। साथ ही गवाहों को बदनाम करने व पीड़िता पर दबाव बनाने के लिए अपराधियों से जोड़कर छवि खराब करने के लिए ऑडियो वायरल किया था। इस मामले में पुलिस ने 27 अगस्त को ठाकुर को उनके निवास से गिरफ्तार किया गया था।
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आरोपी सांसद अतुल राय 11 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में
दुष्कर्म पीड़िता और उसके साथी द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में शुक्रवार को आरोपी बसपा सांसद अतुल राय को बी वारंट के जरिए न्यायिक हिरासत में लिया गया। रिमांड मजिस्ट्रेट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 11 नवंबर तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा रिमांड स्वीकार किया। इससे पहले उक्त मामले में अतुल राय को हिरासत में लेने के लिए उनके वकील ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा था कि मौजूदा समय में वह प्रयागराज के नैनी जेल में बंद हैं। लिहाजा अतुल राय को बी वारंट के जरिए न्यायिक हिरासत में लिया जाए। इस पर मामले की विवेचक एसीपी श्वेता श्रीवास्तव ने कोई आपत्ति न होने की रिपोर्ट दी थी।
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