परिवार में जंग: अखिलेश के समर्थन में खुलकर आए मुलायम के एक और भाई
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अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच कथित रूप से तकरार सामने आने के बाद गुरुवार को मुलायम सिंह के एक और भाई और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रामगोपाल यादव मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा, अखिलेश को पार्टी के अध्यक्ष पक्ष से हटाकर गलती हुई। उनसे इस्तीफा मांग लिया जाता तो वह दे देते। उन्हें हटाना नहीं चाहिए था।
रामगोपाल ने कहा कि नेतृत्व में जानबूझकर न सही, लेकिन अनजाने में उससे गलती हुई है। अखिलेश को बताया जा सकता था कि चुनाव आ रहा है और अध्यक्ष पद का काम शिवपाल देखेंगे। हालांकि, ऐसा सभी पार्टियों में किसी न किसी परिस्थितिवश हो जाता है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश ने खुद कहा कि वह ज्यादातर फैसले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से पूछकर करते हैं। हालांकि, कुछ फैसले ऐसे थे जो उन्होंने खुद लिए। अगर यूपी जैसे राज्य का मुख्यमंत्री कुछ फैसले खुद ले लेता है तो ये कोई अस्वभाविक बात नहीं। कहीं किसी बात पर हल्का-फुल्का मतभेद हुआ भी है तो वह सुलझ गया है।
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रामगोपाल पूछेंगे कौन है बाहरी
रामगोपाल ने बताया कि बाहरी लोगों से उनका इशारा किसकी ओर था ये तो मुख्यमंत्री से बात करने के बाद ही बता सकेंगे। बता दें कि बीते सोमवार से समाजवादी पार्टी और परिवार के बीच शह-मात का खेल चल रहा है।
सोमवार को मुख्यमंत्री ने मुलायम सिंह के करीबी दो कैबिनेट मंत्रियों को बर्खास्त किया। इसके अगले ही दिन शिवपाल के करीबी दीपक सिंघल से चीफ सेक्रेट्री की कुर्सी छीन ली।
ये सिलसिला यहीं नहीं रुका। मंगलवार शाम तक मुलायम सिंह ने अखिलेश को पार्टी के यूपी अध्यक्ष पद से हटा दिया। बाद में इस पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने शिवपाल यादव से कई महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे।
इसके बाद बुधवार को शिवपाल ने दिल्ली जाकर पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह से मुलाकात की थी। पार्टी और परिवार के बीच चल रही सियासी उठा-पटक के बीच अखिलेश ने बयान दिया था कि परिवार में सबकुछ ठीक है, लेकिन बाहरी लोग दखल देंगे तो पार्टी कैसे चलेगी?