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यूपीः संपत्तियों की रजिस्ट्री पर अब सभी को देना होगा समान पंजीयन शुल्क, नई दर प्रभावी

Fri, 14 Feb 2020 02:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 14 Feb 2020 02:09 AM IST
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Everyone will now have to pay the same registration fee on the registry of properties in up
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

संपत्तियों के रजिस्ट्री डीड पर लगने वाले पंजीयन शुल्क के दर को एक समान करते हुए सरकार ने अमीर और गरीब का भेद खत्म कर दिया है। अब सभी लोगों को एक समान पंजीयन शुल्क देना होगा। सभी लोगों को रजिस्ट्री डीड पर अब एक प्रतिशत पंजीयन शुल्क देना होगा। मौजूदा समय में यह शुल्क दो प्रतिशत या अधिकतम 20 हजार लिया जा रहा था। 

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इससे आम लोगों पर जहां अधिक भार पड़ रहा था, वहीं अमीर लोगों को राहत मिल रही थी। इस विषमता को समाप्त करने के लिए ही सरकार ने पंजीयन शुल्क को एक समान कर दिया है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को शासनादेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश भर में पंजीयन शुल्क की नई दर प्रभावी हो गई है।
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कैबिनेट ने बीते 5 फरवरी को इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसी कड़ी में प्रमुख सचिव वीना कुमारी ने शासनादेश जारी किया है।‘रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908’ में शामिल रजिस्ट्रीकरण फीस सारणी को संशोधित करते हुए सरकार ने वर्तमान में संपत्ति की कीमत का दो प्रतिशत व अधिकतम 20 हजार रुपये पंजीयन शुल्क लिए जाने की सीमा को समाप्त कर दिया है। 
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सरकार का मानना है कि इस टैरिफ की वजह से छोटी भूमि या संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले कमजोर लोगों को अधिक शुल्क देना पड़ रहा था, जबकि बड़ी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने वाले लोग भी उसी अनुपात में पंजीयन शुल्क देकर मुक्ति पा लेते थे।


पंजीयन शुल्क में इस विषमता को दूर करने के लिए सरकार ने सभी लोगों के लिए अब खरीदी जाने वाली संपत्ति के मूल्य का एक प्रतिशत धनराशि पंजीयन शुल्क के तौर लेने की व्यवस्था को लागू किया है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने को प्रतिवर्ष करीब एक हजार करोड़ रुपये की आय होगी।

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