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Lucknow News: बीबीएयू में पीएचडी में प्रवेश लेने वाले हर शोधार्थी को एक पेड़ रोपना अनिवार्य
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● शोधकाल के दाैरान शोधार्थी को पेड़ की करनी होगी देखभाल
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनूठी शुरुआत की गई है। अब बीबीएयू में पीएचडी में प्रवेश लेने वाले हर शोधार्थी को एक पौधा लगाना अनिवार्य होगा। यही नहीं शोधकाल के दाैरान शोधार्थी को पाैधे की देखरेख की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
बीबीएयू के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के निर्देशन में आयोजित इस पहल के तहत मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर की शोध वाटिका में आम, अमरूद, नींबू, लीची, आंवला आदि का पाैधरोपण किया गया। इस माैके पर प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि आज जब वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी गंभीर चुनौतियां सामने हैं, ऐसे समय में युवाओं को प्रकृति के रक्षक के रूप में तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। यह पहल मात्र एक पौधा लगाने की औपचारिकता नहीं है। इसका मूल उद्देश्य छात्रों के भीतर पर्यावरणीय चेतना को जागृत करना, उनमें जिम्मेदारी का भाव विकसित करना है।
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनूठी शुरुआत की गई है। अब बीबीएयू में पीएचडी में प्रवेश लेने वाले हर शोधार्थी को एक पौधा लगाना अनिवार्य होगा। यही नहीं शोधकाल के दाैरान शोधार्थी को पाैधे की देखरेख की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
बीबीएयू के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के निर्देशन में आयोजित इस पहल के तहत मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर की शोध वाटिका में आम, अमरूद, नींबू, लीची, आंवला आदि का पाैधरोपण किया गया। इस माैके पर प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि आज जब वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी गंभीर चुनौतियां सामने हैं, ऐसे समय में युवाओं को प्रकृति के रक्षक के रूप में तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। यह पहल मात्र एक पौधा लगाने की औपचारिकता नहीं है। इसका मूल उद्देश्य छात्रों के भीतर पर्यावरणीय चेतना को जागृत करना, उनमें जिम्मेदारी का भाव विकसित करना है।
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