केजीएमयू के इस बड़े बदलाव से मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
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केजीएमयू में एक जनवरी से इवनिंग ओपीडी शुरू होगी। ओपीडी शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। इससे मरीजों को राहत मिलेगी। हालांकि इसके लिए मरीज से 500 रुपये पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा। जांच व बेड के चार्ज अलग से देने होंगे।
कुलपति ने ओपीडी शुरू करने के लिए सभी विभागों के हेड को पत्र भेजा था। कई चिकित्सकों ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है। हालांकि संचालन को अंतिम रूप देने के लिए सभी विभागों के हेड की बृहस्पतिवार को बैठक बुलाई गई है।
इसमें चिकित्सकों के नाम को अंतिम रूप देने, पंजीकरण शुल्क में उनका हिस्सा तय करने सहित कई अन्य फैसले लिए जा सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि एक जनवरी को कई चिकित्सक ओपीडी में बैठने के लिए अपनी सहमति दे देंगे।
कुलपति प्रो. रविकांत का कहना है कि इवनिंग ओपीडी से होने वाली आय को रिसर्च के मद में खर्च किया जाएगा। कुछ हिस्सा चिकित्सकों को भी मिलेगा। इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो सकेगी।
पहले भी हुआ था प्रयोग
किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना दिवस के 100 वर्ष पूरे होने के मौके को यादगार बनाने के लिए शताब्दी अस्पताल की स्थापना की योजना बनाई गई थी। 26 अप्रैल 2005 को सपा सुप्रीमो व तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इसकी नींव रखी थी।
तब कम शुल्क के बावजूद अस्पताल मरीजों को आकर्षित नहीं कर पाया। 50 रुपये पंजीकरण शुल्क और 300 रुपये परामर्श शुल्क देकर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना फेल हो गई। जिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए एक रुपये का पर्चा लेकर इलाज कराने वालों की लाइन लगती थी।
उनको शताब्दी अस्पताल में मरीज ही नहीं मिले। दो सालों में बमुश्किल लगभग 3500 मरीज ही वहां पहुंचे। इसी कारण इस ओपीडी को सितंबर 2012 में बंद कर दिया गया था। अब ईवनिंग ओपीडी में 500 रुपये पंजीकरण शुल्क लेकर कितने मरीज वहां पहुंचते हैं ये देखना होगा।