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तीन डाटा सेंटर पार्क और 10 इकाई की स्थापना कर 1.50 लाख को देंगे रोजगार, 20 हजार करोड़ निवेश लाने का लक्ष्य

Thu, 24 Dec 2020 07:35 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 24 Dec 2020 07:35 PM IST
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Establishment of three data center parks and 10 units will give employment to 1.50 lakhs, target of 20 thousand crore investment
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
प्रदेश की डाटा सेंटर नीति का मसौदा तैयार है। अगले पांच वर्ष में इस नीति के तहत 20 हजार करोड़ रुपये निवेश का अनुमान है। करीब डेढ़ लाख लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। प्रदेश में 5 वर्षों के लिए प्रस्तावित नीति में 3 डाटा सेंटर पार्क और 10 डाटा सेंटर इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष जुलाई में डाटा सेंटर नीति तैयार कर इस उभरते सेक्टर में निवेशकों को आकर्षित करने के निर्देश दिए थे। लंबे विचार-विमर्श के बाद नीति के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है। कैबिनेट की मंजूरी से पहले इस पर विभागों की अनापति लेने की कार्यवाही तेजी से चल रही है। सूत्रों ने बताया कि नीति के अंतर्गत निवेशकों को ब्याज उपादान, भूमि उपादान, स्टांप ड्यूटी, विद्युत आपूर्ति, ट्रांसमिशन शुल्क सहित तमाम तरह की रियायत, छूट व सहूलियत के प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने 250 मेगावाट डाटा का डाटा सेंटर उद्योग विकसित करने का लक्ष्य किया है। नीति के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी, नीति कार्यान्वयन इकाई, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सशक्त समिति तथा एक विशेष कार्यबल का गठन होगा।
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465 करोड़ सब्सिडी देकर 1687 करोड़ राज्य कर मिलने की उम्मीद

प्रस्तावित 3 डाटा सेंटर की पार्क की स्थापना से 4375 करोड़ तथा पार्क के बाहर 10 डाटा सेंटर इकाईयों की स्थापना से 14,375 करोड़ का निवेश अनुमानित है। प्रदेश सरकार पर तीन डाटा सेंटर पार्क व 10 डाटा सेंटर इकाइयों की स्थापना किए जाने पर करीब 464.57 करोड़ रुपये का वन टाइम सब्सिडी भार आएगा। लेकिन, प्रदेश सरकार को इससे 1687 करोड़ रुपये राज्य कर के रूप में प्राप्त होंगे।

डाटा सेंटर : डाटा सेंटर नेटवर्क से जुड़े हुए कंप्यूटर सर्वर का एक बड़ा समूह है। यह बड़ी मात्रा में डाटा के भंडारण, प्रसंस्करण अथवा वितरण के लिए संस्थाओं द्वारा उपयोग किया जाता है। सोशल मीडिया, बैंकिंग, खुदरा,स्वास्थ्य सेवा, यात्रा/ पर्यटन एवं अन्य ट्रांजैक्शन में बहुत अधिक डाटा उत्पन्न होता है। इसके संग्रह के लिए डाटा सेंटर का उपयोग किया जाता है। प्रदेश में 20 करोड़ से अधिक डेटा उपयोग करने वाले उपभोक्ता हैं। 40 मेगावाट अथवा इससे अधिक क्षमता की इकाई को डाटा सेंटर पार्क तथा इससे कम क्षमता वाली को डाटा सेंटर इकाई माना जाएगा। राज्य में डाटा सेंटर उद्योग को आवश्यक सेवा प्रदाता के रूप में मानते हुए इसे आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। पार्क व इकाइयों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाएगी।

प्रदेश में पहले डाटा सेंटर पार्क का काम चालू : मुख्यमंत्री योगी ग्रेटर नोएडा में बन रहे प्रदेश के पहले डाटा सेंटर पार्क का शिलान्यास कर चुके हैं। पार्क का पहला चरण 2022 में पूरा होगा। इसमें 6000 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा। पार्क का निर्माण हीरा नंदानी समूह करेगा।
 

निवेशकों को प्रमुख लाभ

ब्याज पर छूट: प्रतिवर्ष 10 करोड़ के प्रतिबंध के साथ 7 वर्षों तक वार्षिक ब्याज के 60% तक। अधिकतम सीमा 50 करोड़ रुपये।
भूमि पर छूट:  बुंदेलखंड था पूर्वांचल क्षेत्र में राज्य सरकार की संस्थाओं से जमीन लेने पर प्रचलित सेक्टर दर पर 50% तथा मध्यांचल व पश्चिमांचल में 25% छूट। यह कुल परियोजना लागत का 7.5 प्रतिशत अथवा 75 करोड़ होगी।
स्टाम्प ड्यूटी: भूमि की खरीद अथवा पट्टे के लिए पहले ट्रांजैक्शन (प्राधिकरण/भूस्वामी से डाटा सेंटर पार्क) पर स्टांप शुल्क में 100% तथा दूसरे ट्रांजैक्शन पर 50% छूट मिलेगी।
विद्युत आपूर्ति: प्रथम तीन डाटा सेंटर को दो ग्रिड लाइन से विद्युत आपूर्ति। पहले ग्रिड की लागत डाटा सेंटर का विकासकर्ता जबकि दूसरे का ऊर्जा विभाग वहन करेगा।
ट्रांसमिशन तथा व्हीलिंग शुल्क: विद्युत को राज्य के अंदर उपयोग पर 50% छूट तथा राज्य के अंदर की ट्रांसमिशन प्रणाली से ऊर्जा के अंतरराज्यीय विक्रय के लिए 100% की छूट योजना चालू होने की तिथि से 25 वर्ष तक मिलेगी।
मिलेगी। राज्य के बाहर से ऊर्जा के आयात पर 5 वर्षों तक ट्रांसमिशन शुल्क में 100% छूट।
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ये प्रमुख सुविधाएं भी प्रस्तावित

- डाटा सेंटर पार्क को बिना किसी सब लीज, हस्तांतरण शुल्क के डाटा सेंटर इकाइयों को भूमि, भवन को सबलीज करने की अनुमति होगी।
- 3+1 फ्लोर एरिया रेशियो की अनुमति मिलेगी।
- कुल निर्मित क्षेत्रफल का 5% पार्किंग के लिए उपलब्ध कराने की सहूलियत।
- डाटा सेंटर पार्क को बिजली, पानी, सीवर व सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं संबंधित प्राधिकरण उपलब्ध कराएंगे।
- डाटा सेंटर पार्क के बाहर काम करने वाली डाटा सेंटर इकाइयों को खुले बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर ऊर्जा क्रय करने के लिए ओपन एक्सेस की अनुमति होगी।
- डाटा सेंटर पार्क विकासकर्ता पार्क के अंदर विद्युत वितरण और उपभोग के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के पात्र होंगे।
- विद्युत नियामक आयोग की शर्तों के अंतर्गत डीम्ड फ्रेंचाइजी स्टेटस प्राप्त करने का भी विकल्प होगा।
- डाटा सेंटर उद्योग को स्वतंत्रता पूर्वक राज्य के बाहर से नवीकरणीय ऊर्जा आयात करने और संबंधित राज्यों में बैंकिंग सुविधा प्राप्त करने की अनुमति होगी।
- डाटा सेंटर इकाइयां सरकारी विभागों और उसकी एजेंसियों द्वारा क्लाउड स्टोरेज के सामने में वरीयता प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे।
- डाटा सेंटर इकाइयां 24 घंटे, सातों दिन काम करेंगे और महिलाओं को तीनों पालियों में कार्य करने की सुविधा होगी।


 
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