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तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद को ईओडब्ल्यू लेगा रिमांड पर, पोंजी स्कैम में जेल में हैं पूर्व सांसद
Wed, 10 Mar 2021 02:22 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 10 Mar 2021 02:22 AM IST
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आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद कंवर दीप सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। कंवर दीप और उनकी कंपनियों के छह निदेशकों के खिलाफ कानपुर नगर कोतवाली में 291 लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज है।
वर्ष 2019 के सितंबर महीने में चकेरी निवासी पवन मिश्रा की ओर से जिन निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, उसमें सतेंद्र कुमार सिंह, सचेता खेमका, जय श्रीप्रकाश सिंह, बृज मोहन महाजन, छत्रपाल, नरेंद्र सिंह रानावत और नंदकिशोर सिंह नामजद हैं। आरोप है कि मोटे मुनाफे का लालच देकर जमीनों में रुपये निवेश कराए गए, जिसे बाद में हड़प लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक पूर्व सांसद की 11 कंपनियों के माध्यम से केवल कानपुर के 10 हजार से अधिक लोगों से 1000 करोड़ रुपये निवेश कराए गए। इस तरह की ठगी यूपी के अलावा अन्य राज्यों में भी की गई थी। इसमें पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश और पंजाब तक के लोगों से 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई। 2019 में ही इस मामले को ईओडब्ल्यू को सौंपते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की गई थी। हालांकि सीबीआई ने अभी इस मामले को नहीं लिया है।
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प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली में किया था गिरफ्तार
कंवर दीप को प्रवर्तन निदेशालय ने इसी साल 13 जनवरी को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में हैं। अब ईओडब्ल्यू ने कंवर दीप सिंह को दिल्ली से यूपी लाने के लिए न्यायालय से रिमांड मांगी है।
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वर्ष 2019 के सितंबर महीने में चकेरी निवासी पवन मिश्रा की ओर से जिन निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, उसमें सतेंद्र कुमार सिंह, सचेता खेमका, जय श्रीप्रकाश सिंह, बृज मोहन महाजन, छत्रपाल, नरेंद्र सिंह रानावत और नंदकिशोर सिंह नामजद हैं। आरोप है कि मोटे मुनाफे का लालच देकर जमीनों में रुपये निवेश कराए गए, जिसे बाद में हड़प लिया गया।
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सूत्रों के मुताबिक पूर्व सांसद की 11 कंपनियों के माध्यम से केवल कानपुर के 10 हजार से अधिक लोगों से 1000 करोड़ रुपये निवेश कराए गए। इस तरह की ठगी यूपी के अलावा अन्य राज्यों में भी की गई थी। इसमें पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश और पंजाब तक के लोगों से 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई। 2019 में ही इस मामले को ईओडब्ल्यू को सौंपते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की गई थी। हालांकि सीबीआई ने अभी इस मामले को नहीं लिया है।
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प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली में किया था गिरफ्तार
कंवर दीप को प्रवर्तन निदेशालय ने इसी साल 13 जनवरी को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में हैं। अब ईओडब्ल्यू ने कंवर दीप सिंह को दिल्ली से यूपी लाने के लिए न्यायालय से रिमांड मांगी है।