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51.500 चीनी बिजली मीटर, नहीं बदल रहे इंजीनियर

Mon, 28 Mar 2022 02:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 02:06 AM IST
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Engineer is not changing chinese electricity meter
चीनी बिजली मीटर हटाए नहीं जा रहे। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
नरेश शर्मा
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यूपी पावर कॉर्पोरेशन पांच साल से चीनी मीटर बदल कर दूसरे इलेक्ट्रानिक मीटर लगाने की कोशिश में जुटा है, लेकिन अब तक शत प्रतिशत चीनी मीटर नहीं हटाए जा सके हैं।
लखनऊ (लेसा ट्रांस, सिस गोमती जोन) में अब भी 51,500 से अधिक चीनी मीटर लगे हैं। इनसे कहीं मीटर तेज चलने पर उपभोक्ता की जेब ढीली हो रही है तो कहीं मीटर स्लो करके कुछ उपभोक्ता लेसा को चूना लगा रहे हैं।
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इन मीटरों को बदलने का जिम्मा अधिशासी अभियंता (परीक्षण) व सहायक अभियंता (मीटर) का था। जिन इलाकों में ये मीटर लगे, वहां लाइन हानियां कम नहीं हो रही हैं, जबकि कॉर्पोरेशन के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक दैनिक कॉन्फ्रेंस में लाइन हानियों को कम करने का निर्देश देते हैं। ये चीनी मीटर दस साल तक बिजली उपभोग को रिकॉर्ड करते हैं।
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घनी बस्तियों में लगे मीटर
ये चीनी मीटर 90 फीसदी घनी आबादी के मकानों-दुकानों में लगे हैं। इनमें ठाकुरगंज, राधाग्राम, मुफ्तीगंज, नैपियर रोड कॉलोनी, चौपटिया, चौक, नादान महल रोड, राजा बाजार, सुभाष मार्ग, यहियागंज, वजीरगंज, सिटी स्टेशन, बारूदखाना, हुसैनगंज, फूलबाग, मॉडल हाउस, खंदारी बाजार, नाका, चारबाग, गणेशगंज, कैसरबाग, पाटानाला, नक्खास, खदरा, त्रिवेणीनगर, मोहन मीकिन रोड, मड़ियांव और भरतनगर इलाके हैं।
उपभोक्ता की नहीं सुन रहे
गणेशगंज के अनगिनत व्यापारी उपभोक्ता दुकान और मकान में लगे चीनी मीटरों को बदलने के लिए इलाकाई इंजीनियरों को पत्र लिख चुके है, लेकिन इंजीनियर लापरवाह बने हुए हैं।
मीटर से चल रहा धंधा
चीनी मीटर की रीडिंग में बड़े पैमाने पर हेराफेरी हो रही है। इस खेल को अंजाम दे रहा अमीनाबाद का एक खास सिंडीकेट। इसके सदस्य जो परीक्षण खंडों में संविदा कर्मचारी के रूप में काबिज हैं। जो चीनी मीटर की रीडिंग को बैक करने और स्पीड को स्लो कर विभाग को चूना लगा रहे हैं। इस मीटर की सील को खोलना और दोबारा लगाना बहुत आसान है।
ऐसे लगा रहे चूना
जो उपभोक्ता चीनी मीटर से बिजली का उपभोग कर रहें, उनमें अधिकतर की प्रति माह रीडिंग दर्ज नहीं होती है। ऐसे उपभोक्ता एक माह में यदि 400 यूनिट बिजली जलाते हैं तो 150 यूनिट का बिल बिलिंग सेंटर पर जाकर बनाकर जमा कर रहे हैं। जब मीटर में 2000 से 3000 यूनिट रीडिंग स्टोर हो जाती है तो एक्सपर्ट को बुलाकर बैक करा लेते हैं।

सर्वाधिक कहां लगे चीनी मीटर
खंड चीनी मीटर
रेजीडेंसी 3847
सेस-1 3722
सेस-2 2773
ठाकुरगंज 2639
राजाजीपुरम 2632
हुसैनगंज 1852
जल्द शुरू होगा अभियान
दोनो मुख्य अभियंताओं से चीनी मीटर बदलने को लेकर बीते हफ्ते बैठक हो चुकी है। किस जोन में कितने चीनी मीटर का आंकड़ा जुटाया जा चुका है। चीनी मीटरों को बदलने का अभियान जल्द शुरू होगा।
- प्रदीप कक्कड़, निदेशक (वाणिज्य) मध्यांचल विद्युत वितरण निगम
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