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प्रवर्तन निदेशालय ने भी शुरू की पीएफ घोटाले की जांच, 28 कंपनियों के जरिए हुई मनी लांड्रिंग

Sat, 30 Nov 2019 10:24 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 30 Nov 2019 10:24 AM IST
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Enforcement Directorate also started investigation of PF scam
सांकेतिक तस्वीर
यूपी पावर कार्पोरेशन में हुए पीएफ घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी करेगा। इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय दिल्ली की टीम ने आर्थिक अपराध अनुसंधान (ईओडब्ल्यू) से दस्तावेज मांगे हैं। ईओडब्ल्यू की ओर से दस्तावेज उपलब्ध भी करा दिए गए हैं।
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सूत्रों की मानें तो ईओडब्ल्यू को प्रारंभिक जांच में विभिन्न खातों में आए 65 करोड़ रुपये के ब्रोकरेज के बारे में जानकारी मिली थी। ईओडब्ल्यू ने इसकी तफ्तीश की तो पता चला कि ब्रोकर फर्म बनाकर यह पूरा खेल खेला गया है। 
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यूपीपीसीएल की पावर इंप्लाईज ट्रस्ट में जमा पीएफ के पैसों का निवेश डीएचएफएल में कराने के लिए कुल 14 ब्रोकर फर्मों ने काम किया। इसमें से 13 फर्मों ने हेराफेरी की थी।
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इन फर्मों से 14 अन्य फर्मों के खातों में पैसे भेजे गए जिनका डीएचएफएल में निवेश से कोई संबंध नहीं था। इन पैसों का इस्तेमाल कालेधन को सफेद करने के लिए किया गया। 
 

खातों में इंट्री दिखाने के लिए एक नंबर का पैसा खाते में लिया गया और उसकेबदले दो नंबर का पैसा (कालाधन) कैश के रूप में वापस कर दिया गया। यानी सीधे तौर पर मनी लांड्रिंग का मामला बनता दिख रहा है। 

इस पैसों को काला सफेद करने में दिल्ली के एक सीए की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इसी कड़ी में चार्टड एकाउंटेंट ललित गोयल से कई राउंड में पूछताछ की जा चुकी है। ललित गोयल द्वारा बताई गई जानकारी को सत्यापित कराया जा रहा है। 

सूत्रों का कहना है कि इस मामले में चार्टर्ड एकाउंट की गिरफ्तारी भी संभव है। वहीं सूत्रों का कहना है कि इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेज दिल्ली की प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने अपने हाथों में ले लिया है। 

उधर, दूसरी ओर कुछ अन्य फर्मो के मालिकों को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया। वहीं डीएचएफएल के भी अधिकारियों को पूछताछ के लिए दोबारा बुलाया गया है।

पूर्व प्रमुख सचिव आलोक कुमार से भी होगी पूछताछ

इस मामले में पूर्व में प्रमुख सचिव उर्जा, प्रबंधन निदेशक और निदेशक से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। जल्द ही इस मामले में पूछताछ की जाएगी। आलोक कुमार के अलावा पूर्व एमडी विशाल चौहान और अपर्णा यू से भी पूछताछ की जाएगी।

सूत्रों का कहना है कि इस मामले में दिसंबर 2016 से लेकर नवंबर 2019 तक जो भी एमडी और प्रमुख सचिव उर्जा तैनात रहे हैं, उन सभी से पूछताछ की जाएगी। संजय अग्रवाल से ईओडब्ल्यू के के अधिकारी दिल्ली जाकर पहले ही पूछताछ कर चुके हैं।
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