क्या पश्चिम में खत्म हो रही चौधरी की जागीर?
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अरे! अजित सिंह को बीजेपी के सत्यपाल सिंह ने हरा दिया? सवा नौ बजते-बजते हर एक की जुबान पर बस यही सवाल था।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत से अजित सिंह के भविष्य का फैसला हो चुका था। हालांकि मोदी लहर में सत्यपाल सिंह की नैया पार होना तय था।
उम्मीद की जा रही थी सत्यपाल सिंह का जीतना आसान नहीं है लेकिन मोदी लहर ने सारे आकलनों को ध्वस्त कर दिया।
कौन है सत्यपाल सिंह
यह परिणाम इसलिए भी चौंकाने वाला है कि सात बार के सांसद और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष की यह परंपरागत सीट थी। अजित सिंह नागरिक उड्डयन मंत्री भी रह चुके हैं।
मोदी लहर का फायदा उठाने वाले भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सत्यपाल सिंह मुंबई के पुलिस कमिश्नर रहे हैं।
वीआरएस लेकर भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे हैं।
राजनीतिक विरासत का खात्मा
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव की शुरुआत पश्चिमी द्वार से हुई थी। पहले चरण में बागपत समेत सहारनपुर, कैराना,मेरठ समेत कई सीटों पर चौसर बिछी।
इसमें से बागपत सीट का फैसला आ चुका है। अजित सिंह का हारना निश्चित तौर पर चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत का खत्म होना है।