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Lucknow News: हादसे के लिए अतिक्रमण जिम्मेदार, सड़क की जाम

Thu, 30 Jan 2025 02:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Thu, 30 Jan 2025 02:08 AM IST
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Encroachment responsible for the accident, road jam
आक्रोशित लोगों को समझाती पुलिस।

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बीकेटी। दुकानों पर मंगलवार रात कंटेनर पलटने से महोना में हुई तीन युवकों की मौत से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार सुबह सड़क पर जाम लगा दिया। लोगों का आरोप था कि मौतों का जिम्मेदार अतिक्रमण है। शिकायतों के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। लोगों ने सुबह करीब 10:30 बजे क्षतिग्रस्त दुकानों के आगे ही बांस-बल्ली लगा दी। इससे आवागमन ठप हो गया।



जाम की सूचना पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। पुलिस अफसरों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, पर सफल नहीं हुए। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। पीएसी व फायर ब्रिगेड को भी बुला लिया गया। सड़क से बांस-बल्ली हटवाकर लोगों को शांत कराकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस ने बुधवार शाम को संजीव, दिनेश का महोना में और शिवा का उनके गांव मुसपिपरी में अंतिम संस्कार करवाया।
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पुलिस ने जाम खुलवाने के बाद कुर्सी की तरफ से आने वाले यातायात को महोना के अंदर से इटौंजा के लिए और कुम्हरावा चौराहे से बीकेटी के लिए डायवर्ट कर दिया।



पूर्व सांसद कौशल किशोर ने दिया मदद का आश्वासन

पूर्व सांसद कौशल किशोर ने महोना पहुंचकर प्रशासनिक व पुलिस अफसरों से बात की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। घायलों का उपचार कराने में पूरी मदद की बात कही। जिनकी दुकानों को नुकसान पहुंचा है दोबारा निर्माण करवाने में प्रशासन से सहायता करवाने की बात कही। उधर, बीकेटी विधायक योगेश शुक्ल ने भी परिजनों से मिले। वह अंतिम संस्कार तक मौजूद रहे। उन्होंने कहा, महोना के लोगों के मदद के लिए जो सकारात्मक तरीका है वह उठाया जाएगा।
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तीनों परिवारों में कोहराम, परिजनों ने किया शिवा का नेत्रदान

पोस्टमार्टम के बाद दिनेश, संजीव व शिवा के घर शव पहुंचे तो कोहराम मच गया। महिंगवा के मुसपिपरी निवासी शिवा, दो भाइयों नीरज व सूरज में सबसे छोटा था। पिता किसान हैं। परिजनों ने सहमति के बाद शिवा की आंखें दान कर दीं। लोगों ने सराहना की। उधर, संजीव अपने छोटे भाई अंजू के साथ डीजे का काम करता था। दिनेश पांच भाइयों में सबसे छोटा था और उनकी गोद भराई 27 जनवरी को बाराबंकी में हुई थी।



कंटेनर में दब गया था बायां पैर

अंडे का ठेला लगाने वाले मनीष ने बताया कि उनकी दुकान पर तीनों खड़े थे। तभी तेज आवाज हुई और कंटेनर शिवा, संजीव व दिनेश को टक्कर मारकर पलट गया। उनका पैर कंटेनर के नीचे दब गया। इससे वह बच गए। हादसे से पिंटू, नीरज व उनके पिता कृष्णा का रोजगार उजड़ गया। सूरज, प्रमोद बंसल व मुन्ना की दुकान भी टूट गई।



महोना में बनाए जा रहे चार ब्रेकर



लोगों की नाराजगी देखकर महोना कस्बे में चार जगह स्पीड ब्रेकर बनाने का काम शुरू कर दिया गया। पुलिस ने कस्बे से अतिक्रमण हटाने का भी आश्वासन दिया है। इसके लिए बैठक भी की जाएगी।


किसी की जिंदगी में उजाला करेंगी बेटे की आंखें



मुसपिपरी गांव निवासी किसान आशीष का छोटा बेटा शिवा रिश्तेदारी में संजीव व दिनेश के घर महोना आया था। आशीष कहते हैं कि उनकी आखों का तारा अब दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी आंखें किसी और की जिंदगी में उजाला करेंगी। बस, यही सोचकर बेटे की आंखें दान कर दी।
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