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बिजलीकर्मियों को अब रियायती दर पर नहीं मिलेगी असीमित बिजली, घरों पर लगेंगे मीटर
Fri, 29 Nov 2019 06:58 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 29 Nov 2019 06:58 PM IST
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उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारी व पेंशनर्स अब रियायती दर पर असीमित बिजली का उपभोग नहीं कर सकेंगे। शासन ने इनके घरों पर मीटर लगाकर बिजली के उपभोग की सीमा तय करने को कहा है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके निर्देश 16 अगस्त को समीक्षा बैठक में दिए थे पर निर्देशों के अमल में हीलाहवाली पर शासन की नाराजगी के बाद पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन विभागीय कर्मियों के घरों पर मीटर लगाने की कवायद में जुट गया है।
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पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने 23 नवंबर को सभी बिजली कंपनियों को विभागीय कर्मियों के घरों पर मीटर लगाने के संबंध में नए सिरे से निर्देश भेजे हैं। दिलचस्प है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से विभागीय कर्मचारियों की दरों की अलग श्रेणी को समाप्त कर दिए जाने के बाद से इनसे बिल की वसूली भी नहीं हो पा रही है।
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नियामक आयोग ने प्रति उपभोक्ता 600 यूनिट औसत उपभोग मानते हुए 6.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से विभागीय कर्मियों व पेंशनरों को दी जाने वाली बिजली का राजस्व 442.70 करोड़ रुपये सालाना माना है। इस साल के टैरिफ ऑर्डर में आयोग ने विभागीय कर्मियों के घरों पर मीटर लगाने संबंधी आदेशों का पालन न होने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी तक दी है।
चार साल बाद भी नहीं लगे मीटर
नियामक आयोग ने 2015-16 के टैरिफ ऑर्डर में विभागीय कर्मियों और पेंशनरों के घरों पर मीटर लगवाने के लिए 31 दिसंबर, 2015 तक का वक्त दिया था। पर अभी तक न तो मीटर लग सके हैं और न ही नॉरमेटिव बिलिंग शुरू हो पाई। इसके उलट विभागीय कर्मियों व पेंशनरों से अब बिल की वसूली भी बंद हो गई है।