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अमेठी के पंचायती राज विभाग में लाखों रुपये का गबन, पूर्व डीपीआरओ समेत चार पर केस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:52 PM IST
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अमेठी के जिला पंचायत राज अधिकारी का कार्यालय।
- फोटो : amar ujala
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अमेठी के पंचायती राज विभाग कार्यालय में लाखों के गबन का मामला सामने आने से विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) बनवारी सिंह ने पंचायती राज विभाग में तैनात पूर्व डीपीआरओ उमाकांत पांडेय, जूनियर क्लर्क प्रशांत कुमार शुक्ला समेत दो अन्य कर्मचारियों के खिलाफ गौरीगंज कोतवाली में गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। उमाकांत पांडेय अभी महोबा के डीपीआरओ हैं।
लखनऊ के तेलीबाग निवासी अविनाश कुमार ने 18 दिसंबर 2017 को मुख्य विकास अधिकारी से ये शिकायत की थी कि पूर्व डीपीआरओ उमाकांत पांडेय, जूनियर क्लर्क प्रशांत कुमार शुक्ला, कंप्यूटर ऑपरेटर सिरताज और सफाईकर्मी सिद्धार्थ काकुस्थ ने मिलकर क्षेत्र पंचायतों को आवंटित अनुदान की राशि का गबन कर अपने खाते में डाल लिया है।
इस शिकायत के बाद सीडीओ के निर्देश पर मौजूदा डीपीआरओ बनवारी सिंह ने जांच की तो गबन का मामला सही निकला। जांच में पाया गया कि मार्च 2017 दो लाख 90 हजार 714 रुपये का गबन हुआ है। इनमें से प्रशांत कुमार ने अपने खाते में एक लाख 45 हजार 996 रुपये जमा कराए हैं।
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सिरताज के खाते में 72,359 रुपये और सिद्धार्थ के खाते में 72,145 हजाररुपये और जमा हुए हैं। हालांकि, पूर्व डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने अपने खाते में रुपये तो नहीं जमा कराए लेकिन चूंकि उनकी सहमति और हस्ताक्षर से ही ये गबन हुआ है, इसलिए इस मामले में उनकी भी मिलीभगत देखते हुए उनके खिलाफ भी एक्शन लिया गया है।
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लखनऊ के तेलीबाग निवासी अविनाश कुमार ने 18 दिसंबर 2017 को मुख्य विकास अधिकारी से ये शिकायत की थी कि पूर्व डीपीआरओ उमाकांत पांडेय, जूनियर क्लर्क प्रशांत कुमार शुक्ला, कंप्यूटर ऑपरेटर सिरताज और सफाईकर्मी सिद्धार्थ काकुस्थ ने मिलकर क्षेत्र पंचायतों को आवंटित अनुदान की राशि का गबन कर अपने खाते में डाल लिया है।
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इस शिकायत के बाद सीडीओ के निर्देश पर मौजूदा डीपीआरओ बनवारी सिंह ने जांच की तो गबन का मामला सही निकला। जांच में पाया गया कि मार्च 2017 दो लाख 90 हजार 714 रुपये का गबन हुआ है। इनमें से प्रशांत कुमार ने अपने खाते में एक लाख 45 हजार 996 रुपये जमा कराए हैं।
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सिरताज के खाते में 72,359 रुपये और सिद्धार्थ के खाते में 72,145 हजाररुपये और जमा हुए हैं। हालांकि, पूर्व डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने अपने खाते में रुपये तो नहीं जमा कराए लेकिन चूंकि उनकी सहमति और हस्ताक्षर से ही ये गबन हुआ है, इसलिए इस मामले में उनकी भी मिलीभगत देखते हुए उनके खिलाफ भी एक्शन लिया गया है।