यूपी: 16 हजार कर्मचारी बनेंगे क्लर्क

शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 01 Feb 2014 10:14 AM IST
eligible sanitary worker to be clerics
वर्षों से योग्यता के अनुसार काम न मिलने का दंश झेल रहे सफाई कर्मियों की झोली खुशियों से भरने वाली है।

राज्य सरकार शैक्षिक योग्यता के आधार पर इन्हें पदोन्नति देकर लिपिक बनाने की तैयारी कर रही है।

स्थानीय निकाय निदेशालय ने शैक्षिक योग्यता के आधार पर सफाई कर्मियों की सूची बनाने का निर्देश दे दिया है।

इसके आधार पर ही पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, प्रदेश में शैक्षिक योग्यता के आधार पर सफाई कर्मियों को पदोन्नति देने का शासनादेश वर्ष 2001 में ही जारी किया जा चुका है।

प्रदेश में मौजूदा समय करीब 16 हजार सफाई कर्मचारी स्नातक या फिर परास्नातक हैं। शहरी क्षेत्रों को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए निकाय सफाई कर्मियों को रखते हैं।

सफाई कर्मियों की भर्ती के लिए शैक्षिक प्रमाण पत्र होना जरूरी नहीं है। सफाई कर्मियों की मौत के बाद उनके आश्रितों को नौकरी देने की व्यवस्था है।

वैसे तो योग्यता के आधार पर नौकरी दी जानी चाहिए, लेकिन निकायों में आम तौर पर आश्रितों को सफाई कर्मी के पदों पर ही नियुक्तियां दे दी जाती हैं।

इसके चलते स्नातक या परास्नातक करने के बाद भी वे सफाई कर्मी का काम कर रहे हैं। सफाई कर्मी शैक्षिक योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने की मांग करते रहे हैं।

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