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बिजली चोरी का मास्टर माइंड गिरफ्तार, ऐसे लगा रहा था लाखों का चूना

Tue, 02 Jan 2018 01:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 02 Jan 2018 01:31 PM IST
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electricity thief arrested in lucknow
डेमो

लखनऊ के चार विद्युत उपकेंद्रों के संविदाकर्मियों की साठगांठ से मीटर में चिप लगाकर बिजली विभाग को लाखों का चूना लगाया जा रहा था। सरोजनीनगर पुलिस ने मास्टर माइंड को सोमवार सुबह गिरफ्तार कर खेल का भंडाफोड़ किया।

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उससे बिजली के मीटर, रीडिंग माइंड चिप, सर्किट और रिमोट बरामद हुए हैं। वहीं, पांच संविदाकर्मियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। इंस्पेक्टर धर्मेश कुमार शाही ने बताया कि सूचना पर टीम ने सुबह 7:10 बजे शहीद पथ से आशियाना मार्ग की सर्विस लेन पर घेराबंदी कर आशियाना के सेक्टर-एच निवासी पवन कुमार पाल को गिरफ्तार किया।
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उसके कब्जे से नए व पुराने 33 मीटर, 25 रीडिंग माइंड चिप, 7 सर्किट व रिमोट बरामद हुए। पूछताछ में कुबूला कि इंदिरानगर के सेक्टर-25 पावर हाउस के संविदाकर्मी सर्वेश व ज्ञानेंद्र, तालकटोरा पावर हाउस के जमील अहमद, आशियाना पावर हाउस के पप्पू मौर्या व ऐशबाग पावर हाउस के एके त्रिपाठी की साठगांठ से बिजली मीटर में चिप लगाने का काम कर रहा था। 

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बिजलीकर्मियों की साठगांठ की पड़ताल

electricity thief arrested in lucknow
पवन कुमार पाल ने कुबूला कि घर व दुकानों से रीडिंग करने वाले संविदाकर्मियों द्वारा उपभोक्ताओं से बिल कम कराने का सौदा किया जाता था। वह मीटर खराब बताकर उसे विद्युत उपकेंद्र में ले आते थे।

वहां पवन को बुलाकर चिप से रीडिंग सेट कराते और उसे उपभोक्ता के घर या दुकान पर लगा देते थे। सील खोलकर रिमोट से सेटिंग एसआई सचिन गुप्ता, संतोष सिंह व सुरेंद्रनाथ यादव की पूछताछ में आरोपी ने कुबूला कि बिजली मीटर की सील खोलकर रीडिंग माइंड चिप सेट की जाती थी और रिमोट से मीटर बंद कर दिया जाता था।

एक लाख की रीडिंग वाले मीटर को खराब बताकर पावर हाउस लाने के बाद 50 हजार या 25 हजार की रीडिंग सेट कर दी जाती थी। बिजली बिल में आई कमी के हिसाब से 25 से 50 प्रतिशत रकम उपभोक्ता से संविदाकर्मी झटक लेते थे और उसी हिसाब से पवन को भी पैसे मिलते थे।

इंस्पेक्टर सरोजनीनगर ने बताया कि पवन ने चार उपकेंद्रों के पांच संविदाकर्मियों के नाम कुबूले हैं। इनके पकड़े जाने पर अन्य कर्मचारियों की साठगांठ उजागर होने की संभावना है। मीटर को उपकेंद्र में लाने के बाद सील खोलकर चिप लगाई जाती थी। पवन के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालकर उससे साठगांठ रखने वाले कर्मचारियों का पता लगाया जाएगा। 
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