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Lucknow News: मांग बढ़ने से बिगड़ी बिजली आपूर्ति
Thu, 18 Jul 2024 03:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 18 Jul 2024 03:31 AM IST
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रायबरेली। जिले में बिजली की मांग बढ़ने से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। लो वोल्टेज के चलते न तो किसानों के नलकूप भरपूर पानी उगल रहे हैं और न ही उपभोक्ताओं के घरों में लगे बिजली के उपकरण ठीक से काम कर रहे हैं। गर्मी और उमस से लोग बेहाल है। वहीं किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
जिले में इस बार एक लाख से ज्यादा हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई होनी है। पानी के अभाव में किसान लक्ष्य की आधी भी रोपाई नहीं कर पाए हैं। न तो बारिश हो रही है और न नहरों में पानी पहुंच रहा है। बिजली ऊपर से खाज बनी है। 18 घंटे में महज 10 घंटे बिजली कई टुकड़ों में मिल रही है।
बिजली की मांग 352 मेगावाट के आसपास है, जबकि यही मांग जून महीने में 290 मेगावाट थी। मांग बढ़ने से विद्युत उपकेंद्र में लगे उपकरण ओवरलोड हो गए हैं। लो वोल्टेज की चलते घरों में लगे कूलर, पंखे, बल्ब ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
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31 करोड़ खर्च, फिर भी नहीं मिली राहत
बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए जिले में 31 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, पैनलों की मरम्मत, पावर ट्रांसफार्मरों का मरम्मत कार्य समेत अन्य सुविधाएं बढ़ाने में बजट खर्च हो गया, लेकिन हालात जस के तस हैं। हर साल जब धान की रोपाई शुरू होती है तो उपकेंद्र ओवरलोड हो जाते हैं। इससे साफ जाहिर है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूरी की गई।
वोल्टेज कम होने से सिंचाई हो रही प्रभावित
ऊंचाहार-गदागंज। ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र के डांड़ेपुर गांव निवासी अवधेश कुमार ने बताया कि सात बीघे में पांच बीघे धान की रोपाई हो चुकी है। बिजली इतनी कम मिलती है कि रोपाई संभव नहीं हो पाती। दौलतपुर गांव निवासी जय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि किसी तरह छह बीघा धान लगा लिया है। अब फसल सूख रही है।
वोल्टेज इतना कम रहता है कि मोटर क्षमता से नहीं चल पाती। दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र के किशोरी बालमपुर गांव निवासी किसान समर बहादुर व गोड़ा मजरे चरुहारवीक गांव निवासी अवधेश त्रिपाठी ने बताया कि नहरों में पानी नहीं आ रहा है। धान की रोपाई नलकूपों के सहारे हो रही है। अघोषित कटौती की वजह से 10 घंटे बिजली कई टुकड़ों में मिल रही है। इससे धान की रोपाई अब तक नहीं हो पाई है।
भरपूर बिजली दिलाने के हो रहे प्रयास
बारिश न होने से बिजली की मांग बढ़ी है। उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली मिले, इसके लिए ट्रांसमिशन के अधिकारियों से बात की जाएगी। किसानों को भरपूर बिजली मिले। इसके पूरे प्रयास हो रहे है।
-विवेक कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल प्रथम
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जिले में इस बार एक लाख से ज्यादा हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई होनी है। पानी के अभाव में किसान लक्ष्य की आधी भी रोपाई नहीं कर पाए हैं। न तो बारिश हो रही है और न नहरों में पानी पहुंच रहा है। बिजली ऊपर से खाज बनी है। 18 घंटे में महज 10 घंटे बिजली कई टुकड़ों में मिल रही है।
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बिजली की मांग 352 मेगावाट के आसपास है, जबकि यही मांग जून महीने में 290 मेगावाट थी। मांग बढ़ने से विद्युत उपकेंद्र में लगे उपकरण ओवरलोड हो गए हैं। लो वोल्टेज की चलते घरों में लगे कूलर, पंखे, बल्ब ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
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31 करोड़ खर्च, फिर भी नहीं मिली राहत
बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए जिले में 31 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, पैनलों की मरम्मत, पावर ट्रांसफार्मरों का मरम्मत कार्य समेत अन्य सुविधाएं बढ़ाने में बजट खर्च हो गया, लेकिन हालात जस के तस हैं। हर साल जब धान की रोपाई शुरू होती है तो उपकेंद्र ओवरलोड हो जाते हैं। इससे साफ जाहिर है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूरी की गई।
वोल्टेज कम होने से सिंचाई हो रही प्रभावित
ऊंचाहार-गदागंज। ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र के डांड़ेपुर गांव निवासी अवधेश कुमार ने बताया कि सात बीघे में पांच बीघे धान की रोपाई हो चुकी है। बिजली इतनी कम मिलती है कि रोपाई संभव नहीं हो पाती। दौलतपुर गांव निवासी जय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि किसी तरह छह बीघा धान लगा लिया है। अब फसल सूख रही है।
वोल्टेज इतना कम रहता है कि मोटर क्षमता से नहीं चल पाती। दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र के किशोरी बालमपुर गांव निवासी किसान समर बहादुर व गोड़ा मजरे चरुहारवीक गांव निवासी अवधेश त्रिपाठी ने बताया कि नहरों में पानी नहीं आ रहा है। धान की रोपाई नलकूपों के सहारे हो रही है। अघोषित कटौती की वजह से 10 घंटे बिजली कई टुकड़ों में मिल रही है। इससे धान की रोपाई अब तक नहीं हो पाई है।
भरपूर बिजली दिलाने के हो रहे प्रयास
बारिश न होने से बिजली की मांग बढ़ी है। उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली मिले, इसके लिए ट्रांसमिशन के अधिकारियों से बात की जाएगी। किसानों को भरपूर बिजली मिले। इसके पूरे प्रयास हो रहे है।
-विवेक कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल प्रथम