फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   electricity price may go up in Uttar pradesh.

महंगी हो सकती है बिजली: जल्द नई बिजली दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू करेगा नियामक आयोग

Tue, 12 Apr 2022 02:30 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 12 Apr 2022 02:30 PM IST
सार

बिजली कंपनियों ने 6700 करोड़ रुपये घाटे की भरपाई का मामला राज्य विद्युत नियामक आयोग पर छोड़ दिया है। आयोग जल्द ही नई दरें पूरी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

विज्ञापन
electricity price may go up in Uttar pradesh.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

राज्य विद्युत नियामक आयोग जल्द ही 2022-23 के लिए नई बिजली दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। पावर कॉर्पोरेशन ने वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव की कमियों पर सोमवार को आयोग में अपना जवाब दाखिल कर दिया। लेकिन जवाब के साथ आयोग को टैरिफ प्रस्ताव नहीं सौंपा गया है। यानी एआरआर में दिखाए गए 6700 करोड़ रुपये की घाटे की भरपाई का मामला बिजली कंपनियों ने आयोग पर छोड़ दिया है। इससे कंपनियों के घाटे को देखते हुए इस साल बिजली दरों में इजाफे की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

विज्ञापन


दरअसल, 8 मार्च को बिजली कंपनियों की तरफ से दाखिल 2022-23 के एआरआर, 2020-21 की ट्रू-अप याचिका तथा 2021-22 के एनुअल परफार्मेंस रिव्यू (एपीआर) के परीक्षण की कमियों पर आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन से जवाब मांगा था। साथ ही घाटे को शून्य करते हुए बिना सब्सिडी के अलग-अलग श्रेणी की स्लैबवार बिजली दर का प्रस्ताव भी दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन


पावर कॉर्पोरेशन ने आयोग में एआरआर की कमियों पर तो जवाब दाखिल कर दिया, लेकिन टैरिफ प्रस्ताव नहीं सौंपा। बिजली दरों में कमी की विचाराधीन याचिका पर भी पावर कॉर्पोरेशन ने कोई जवाब नहीं दिया है। आयोग अब इसका परीक्षण करके एआरआर स्वीकार करने का फैसला करेगा। कानूनन एआरआर स्वीकार होने के 120 दिन में नई दरों के निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभागीय कर्मियों के यहां मीटर लगाने के लिए मांगी मोहलत
बिजली कंपनियों की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया है कि प्रदेश में नियमित कार्मिकों की संख्या 34858 और 49036 पेंशनर हैं। इस तरह रियायती बिजली का इस्तेमाल कर रहे कुल 83894 कर्मचारियों व अभियंताओं के यहां अभी मीटर नहीं लग पाए हैं।

- बिजली कंपनियों ने इनके यहां मीटर लगाने के लिए मार्च 2023 तक का समय मांगा है। टैरिफ ऑर्डर में आयोग इस पर अपना निर्णय सुनाएगा।

- पावर कॉर्पोरेशन ने इस साल 17 प्रतिशत वितरण लाइन हानियों का आकलन करते हुए 85,500 करोड़ रुपये का एआरआर दाखिल किया है। इसमें 6700 करोड़ रुपये घाटे का अनुमान लगाया गया है।

दरों में कमी के लिए सक्रिय हुआ उपभोक्ता परिषद

बिजली कंपनियों का जवाब दाखिल होते ही राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद भी बिजली दरों में कमी कराने के लिए सक्रिय हो गया है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग के अध्यक्ष आरपी. सिंह तथा सदस्य कौशल किशोर शर्मा व वीके श्रीवास्तव से मिलकर लोक महत्व प्रस्ताव सौंपते हुए कहा कि जब बिजली कंपनियों ने टैरिफ प्रस्ताव दाखिल नहीं किया तो कंपनियों पर उपभोक्ताओं के निकल रहे 20596 करोड़ रुपये के एवज में दरों में कमी के लिए स्वत: संज्ञान कार्रवाई शुरू की जाए।

उनका कहना है कि जब बिजली दरों में कमी की बात आती है तो पावर कॉर्पोरेशन हाथ खडे़ करके पूरा मामला नियामक आयोग पर डाल देता है। ऐसे में नियामक आयोग को जिम्मेदारी निभाते हुए इस शर्त के साथ एआरआर स्वीकार करना चाहिए कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के निकल रहे 20596 करोड़ रुपये का विज्ञापन प्रकाशित कराकर उस पर आम उपभोक्ताओं से राय ली जाए।

कंपनियों को पता है कि कानूनन जब उपभोक्ताओं का पैसा निकल रहा है तो दरें बढ़ाने का प्रस्ताव दाखिल नहीं किया जा सकता। मामले को उलझाने के लिए इस मामले पर चुप्पी साधकर गेंद आयोग के पाले में डाल दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed