छह घंटे में जुड़ गई थी 95 फीसदी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली, कंपनियों का दावा
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बिजली कंपनियों का दावा है कि जन्माष्टमी के दिन जिन स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली गुल हुई थी, उनमें से 95 फीसदी की बिजली छह घंटे में जुड़ गई थी। शेष उपभोक्ताओं की बिजली भी 24 घंटे में चालू कर दी गई थी।
बिजली कंपनियों के जवाब में कहा गया है कि विद्युत वितरण संहिता 2005 और स्टैंडर्ड ऑफर परफॉर्मेंस मानक में उल्लंघन नहीं हुआ है।
साथ ही एसटीएफ व सरकार द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट लंबित होने का हवाला देते दावा किया है कि 95 फीसदी उपभोक्ताओं की बिजली 6 छंटे में, 3 फीसदी की 12 घंटे और शेष 2 फीसदी की बिजली 24 घंटे के भीतर चालू हो गई थी। घर का दरवाजा बंद होने के कारण सिर्फ एक उपभोक्ता की बिजली नहीं चालू हो पाई थी।
आयोग इस जवाब का परीक्षण कर रहा है और जल्द ही इस मामले में स्वत: संज्ञान सुनवाई करके निर्णय करेगा। माना जा रहा है कि आयोग इस मामले में बिजली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने दावे पर सवाल उठाते हुए बिजली कंपनियों पर आयोग को गुमराह करने का आरोप लगाया है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि 24 घंटे में सभी की बिजली जुड़ने का दावा गलत है। क्योंकि ऊर्जा मंत्री ने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को भेजे पत्र में तमाम उपभोक्ताओं की बिजली 16 अगस्त तक बंद रहने की बात कही थी।
इससे साफ है कि बिजली कंपनियों के अफसरों ने मनगढ़ंत रिपोर्ट भेजी है। वहीं, दिलचस्प बात यह है कि बिजली कंपनियों ने तो उपभोक्तावार रिपोर्ट तैयार कर ली, लेकिन एसटीएफ व शासन द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट आज तक नहीं आई। परिषद ने इस मामले में आयोग में जनहित प्रत्यावेदन दाखिल किया।
इसमें सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस के तहत मुआवजा देने की मांग उठाते हुए कहा गया है कि अनुबंध का उल्लंघन करने के लिए ईईएसएल, एलएंडटी और पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।