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24 घंटे बिजली देने के बावजूद जरूरतें पूरी नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 01 May 2014 04:46 AM IST
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बिजली की लगातार बढ़ती मांग से विभाग के हाथ पांव फूल गए हैं, वहीं चुनाव के कारण भी आपूर्ति का दबाव है।
सूबे में गर्मी अभी अपने पूरे शबाब पर नहीं आई है। बावजूद इसके प्रदेश में बिजली की मांग पिछले साल की सर्वाधिक मांग के आसपास पहुंच गई है।
पावर कॉर्पोरेशन ने 24 घंटे में रिकॉर्ड 268 मिलियन यूनिट से ज्यादा बिजली की आपूर्ति की है। लेकिन लगातार बढ़ रही मांग से बिजली अभियंताओं के पसीने छूट रहे हैं।
दरअसल शेड्यूल के मुताबिक आपूर्ति करने में खासी मुश्किलें आ रही हैं। यही नहीं अतिरिक्त बिजली खरीदने के बावजूद उद्योगों को छोड़कर सभी जगह दो-तीन घंटे आपात कटौती करनी पड़ रही है।
वहीं गर्मी बढ़ने की वजह से हो रहे लोकल फॉल्ट की वजह से भी समस्या खड़ी हो रही है।
गौरतलब है कि सूबे में पिछले साल 29 मई को सर्वाधिक 268.50 मिलियन यूनिट (12,115 मेगावाट) बिजली की आपूर्ति दर्ज की गई थी।
जबकि इस साल ठीक एक महीने पहले यानी 29 अप्रैल को ही पावर कार्पोरेशन को 268.26 मिलियन (12,000 मेगावाट) बिजली का इंतजाम करना पड़ा।
लोकसभा चुनाव के कारण बहुत से क्षेत्रों को कटौतीमुक्त बिजली आपूर्ति करनी पड़ रही है। इसलिए भी आपूर्ति शेड्यूल प्रभावित हो रहा है।
चुनाव वाले क्षेत्रों को रोशन रखने के लिए गांवों से लेकर शहरों तक तय शेड्यूल में एक से तीन घंटे की कटौती करनी पड़ रही है।
राजस्थान, हरियाणा, जम्मू से मिलेगी बिजली
सूबे में 31 मई तक जरूरत भर बिजली का इंतजाम किया गया था, लेकिन अचानक मांग बढ़ने और चुनाव की वजह से ग्रिड पर दबाव बढ़ गया।
नतीजतन लगभग 1,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करना पड़ रहा है। बिजली अभियंताओं का कहना है कि बृहस्पतिवार से राजस्थान, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से लगभग 500 मेगावाट बिजली मिलने की उम्मीद है।
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इस पर पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा का कहना है कि 'सूबे में एनर्जी एक्सचेंज सहित अन्य स्रोतों से बिजली का इंतजाम करके बढ़ी हुई मांग को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि सभी को शेड्यूल के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा बिजली मिले। दूसरे राज्यों से भी बिजली लेने की कोशिश की जा रही है। एक-दो दिन में स्थिति में सुधार होने की संभावना है।'
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सूबे में गर्मी अभी अपने पूरे शबाब पर नहीं आई है। बावजूद इसके प्रदेश में बिजली की मांग पिछले साल की सर्वाधिक मांग के आसपास पहुंच गई है।
पावर कॉर्पोरेशन ने 24 घंटे में रिकॉर्ड 268 मिलियन यूनिट से ज्यादा बिजली की आपूर्ति की है। लेकिन लगातार बढ़ रही मांग से बिजली अभियंताओं के पसीने छूट रहे हैं।
दरअसल शेड्यूल के मुताबिक आपूर्ति करने में खासी मुश्किलें आ रही हैं। यही नहीं अतिरिक्त बिजली खरीदने के बावजूद उद्योगों को छोड़कर सभी जगह दो-तीन घंटे आपात कटौती करनी पड़ रही है।
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वहीं गर्मी बढ़ने की वजह से हो रहे लोकल फॉल्ट की वजह से भी समस्या खड़ी हो रही है।
गौरतलब है कि सूबे में पिछले साल 29 मई को सर्वाधिक 268.50 मिलियन यूनिट (12,115 मेगावाट) बिजली की आपूर्ति दर्ज की गई थी।
जबकि इस साल ठीक एक महीने पहले यानी 29 अप्रैल को ही पावर कार्पोरेशन को 268.26 मिलियन (12,000 मेगावाट) बिजली का इंतजाम करना पड़ा।
लोकसभा चुनाव के कारण बहुत से क्षेत्रों को कटौतीमुक्त बिजली आपूर्ति करनी पड़ रही है। इसलिए भी आपूर्ति शेड्यूल प्रभावित हो रहा है।
चुनाव वाले क्षेत्रों को रोशन रखने के लिए गांवों से लेकर शहरों तक तय शेड्यूल में एक से तीन घंटे की कटौती करनी पड़ रही है।
राजस्थान, हरियाणा, जम्मू से मिलेगी बिजली
सूबे में 31 मई तक जरूरत भर बिजली का इंतजाम किया गया था, लेकिन अचानक मांग बढ़ने और चुनाव की वजह से ग्रिड पर दबाव बढ़ गया।
नतीजतन लगभग 1,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करना पड़ रहा है। बिजली अभियंताओं का कहना है कि बृहस्पतिवार से राजस्थान, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से लगभग 500 मेगावाट बिजली मिलने की उम्मीद है।
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इस पर पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा का कहना है कि 'सूबे में एनर्जी एक्सचेंज सहित अन्य स्रोतों से बिजली का इंतजाम करके बढ़ी हुई मांग को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि सभी को शेड्यूल के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा बिजली मिले। दूसरे राज्यों से भी बिजली लेने की कोशिश की जा रही है। एक-दो दिन में स्थिति में सुधार होने की संभावना है।'