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UP: 28 हजार मेगावाट पहुंची बिजली खपत, कटौती से लोग बेहाल, ब्रेकडाउन के बाद फोन तक नहीं उठा रहे अभियंता
Tue, 21 May 2024 12:03 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 21 May 2024 12:03 AM IST
सार
यूपी में बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। ये मांग 32 हजार मेगावाट से अधिक हो सकती है जिसके कारण ग्रामीण व शहरी इलाकों में कटौती की जा रही है।
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में 28 हजार मेगावाट से अधिक की बिजली आपूर्ति की जा रही है, बावजूद इसके रात में स्थानीय फॉल्ट की वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। गर्मी के तेवर ऐसे ही बने रहे तो बिजली की मांग 32 हजार मेगावाट से अधिक हो सकती है।
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पावर काॅरपोरेशन की ओर से दावा किया जा रहा है कि शहरी और ग्रामीण इलाके में भरपूर बिजली दी जा रही है, जबकि हकीकत यह है कि शहरी इलाके में रात के वक्त लगातार कटौती हो रही है। गोमतीनगर में ही रविवार की रात कई बार ट्रिपिंग हुई। विभाग के अभियंता इसे लोकल फॉल्ट बता रहे हैं। हालत यह है कि ब्रेकडाउन के बाद अभियंता फोन तक नहीं उठा रहे हैं।
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उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि मई माह में बिजली की मांग 31 हजार मेगावाट से अधिक हो सकती है। यदि विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं में मिली राशि समय पर खर्च की गई होती तो स्थानीय फाॅल्ट की समस्या को खत्म किया जा सकता था।
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