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यूपी में बिजली का रेट कम होना तय!
अनिल श्रीवास्तव/ अमर उजाला,लखनऊ
Updated Fri, 24 Jan 2014 09:07 AM IST
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दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र की तरह यूपी में भी बिजली दरों में कमी करने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग भी मंथन में जुटा है।
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तीनों राज्यों ने सब्सिडी के जरिये दरों में कमी की है जबकि प्रदेश में नॉन सब्सिडी रूट से दरें कम करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
आयोग बिजली कंपनियों की परफॉर्मेंस सुधार कर दरें कम करने का रास्ता निकालना चाहता है।
इसके लिए सरकार के नियंत्रण वाली बिजली वितरण व उत्पादन कंपनियों के साथ-साथ निजी कंपनियों के लिए भी लक्ष्य तय करने की माथापच्ची चल रही है। जल्द ही आयोग इस बाबत विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।
आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा की अगुवाई में सदस्य और अधिकारी वह सारी संभावनाएं टटोलने में जुट गए हैं, जिससे दरें कम की जा सकती हैं।
गुंजाइश की ऐसे हो रही तलाश
देश दीपक वर्मा के अनुसार कई क्षेत्र हैं जहां सुधार की गुंजाइश है। अगर बिजली वितरण और उत्पादन कंपनियां परफॉर्मेंस पैरामीटर पूरा कर लें तो निश्चित रूप से दरें कम हो सकती हैं।
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मसलन यूपी में समग्र तकनीकी एवं वाणिज्यिक लाइन हानियां 27 फीसदी से ज्यादा हैं जबकि राष्ट्रीय औसत 15 फीसदी है। इसी तरह राजस्व वसूली में काफी पिछला बकाया है।
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जहां तक बिजलीघरों का सवाल है तो एनटीपीसी के बिजलीघरों के मुकाबले प्लांट लोड फैक्टर काफी कम है।