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ई-सुविधा काउंटर पर अब चेक से नहीं जमा होंगे बिजली बिल, 15 जनवरी से लागू की नई व्यवस्था
Fri, 03 Jan 2020 09:46 AM IST
शाहरुख खान
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 03 Jan 2020 09:46 AM IST
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत आने वाले बाराबंकी, फैजाबाद, सुल्तानपुर समेत 19 जिलों में 15 जनवरी से ई-सुविधा काउंटर पर चेक से बिजली बिल जमा नहीं होंगे। अब चेक से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को अपने संबंधित अधिशासी अभियंता कार्यालय के कैशियर से संपर्क करना होगा।
इस संबंध में लेसा सिस व ट्रांस गोमती, लखनऊ, फैजाबाद, देवीपाटन, बरेली जोन के मुख्य अभियंताओं को निर्देश दे दिए गए हैं। मध्यांचल निगम में लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत और बदायूं जिले आते हैं।
इन जिलों के शहरी क्षेत्र में स्थित ई-सुविधा काउंटर पर बिल कैश व चेक से जमा होते हैं। इसमें लखनऊ के 101 ई-सुविधा काउंटरों पर लगभग 30 हजार उपभोक्ता चेक से ही बिल जमा करते हैं। अब नई व्यवस्था होने से उपभोक्ताओं को अपने अधिशासी अभियंता कार्यालय की दौड़ लगानी होगी। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ेगी।
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इसलिए हुआ व्यवस्था में बदलाव
उपभोक्ता की चेक डिसआनर होने पर बैंक पहले उसे ई-सुविधा काउंटर पर काम करने वाली कंपनी को भेजता है। इसके बाद उसे संबंधित अधिशासी अभियंता कार्यालय को भेजा जाता है। तब जुर्माना लगाकर उपभोक्ता से कैश में बिल जमा कराने की कार्रवाई की जाती है। इस प्रक्रिया में अधिक समय लगने के कारण लेसा को राजस्व प्रभावित हो रहा था। वहीं, चेक से जमा होने वाले बिल की रकम को ट्रांसफर करने में भी दिक्कत हो रही थी।
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इस संबंध में लेसा सिस व ट्रांस गोमती, लखनऊ, फैजाबाद, देवीपाटन, बरेली जोन के मुख्य अभियंताओं को निर्देश दे दिए गए हैं। मध्यांचल निगम में लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत और बदायूं जिले आते हैं।
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इन जिलों के शहरी क्षेत्र में स्थित ई-सुविधा काउंटर पर बिल कैश व चेक से जमा होते हैं। इसमें लखनऊ के 101 ई-सुविधा काउंटरों पर लगभग 30 हजार उपभोक्ता चेक से ही बिल जमा करते हैं। अब नई व्यवस्था होने से उपभोक्ताओं को अपने अधिशासी अभियंता कार्यालय की दौड़ लगानी होगी। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ेगी।
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इसलिए हुआ व्यवस्था में बदलाव
उपभोक्ता की चेक डिसआनर होने पर बैंक पहले उसे ई-सुविधा काउंटर पर काम करने वाली कंपनी को भेजता है। इसके बाद उसे संबंधित अधिशासी अभियंता कार्यालय को भेजा जाता है। तब जुर्माना लगाकर उपभोक्ता से कैश में बिल जमा कराने की कार्रवाई की जाती है। इस प्रक्रिया में अधिक समय लगने के कारण लेसा को राजस्व प्रभावित हो रहा था। वहीं, चेक से जमा होने वाले बिल की रकम को ट्रांसफर करने में भी दिक्कत हो रही थी।
डिसऑनर चेक रकम की वसूली होगी आसान
नई व्यवस्था से अधिशासी अभियंता के खंडीय कार्यालय में जमा चेक के डिसआनर होने पर उसकी रकम की वसूली जल्दी एवं आसान होगी। वर्तमान में ई-सुविधा काउंटर पर जमा चेक डिसआनर होने पर कार्रवाई देर से होती है। - अशोक कुमार, मुख्य अभियंता (वाणिज्यिक) मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड लखनऊ