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2000 करोड़ के इलेक्ट्रिकल्स इलेक्ट्रॉनिक्स माल अटका
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कोरोना की दूसरी लहर की मार से इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक आइटम का कारोबार चौपट हो गया है। राजधानी में लगभग 5000 होल सेलर और रिटेलर्स है।
इनका लगभग 2000 करोड़ रुपये का इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक का माल दुकान से गोदामों में अटक गया है। होलसेलर्स और रिटेलर्स ने इस माल को अप्रैल से जून तक होने वाली शादियों और गर्मी के मौसम को देखते हुए स्टॉक किया था।
शादियां स्थगित होने से यह माल बिका नहीं और फिर कोरोना कर्फ्यू के चलते बाजार बंद हो गए। होलसेलर ने ब्रांडेड कंपनियों से उधारी में जो माल खरीदा उनकी मुसीबतें बढ़ गई है। कंपनी माल वापस नहीं लेगी, ऐसे में देनदारी चुकाना बहुत मुश्किल पड़ेगा।
शोरूम से गोदाम तक 50-50 लाख का माल
नाका व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं इलेक्ट्रिकल कारोबारी सतपाल सिंह मीत ने कहा कि एक-एक कारोबारी के पास शोरूम से लेकर गोदान तक 50-50 लाख रुपये का माल भरा है, जिनमें कूलर, एसी फ्रिज और एलईडी शामिल है। जिसमें से अब कूलर और पंखे बिकने का सीजन खत्म हो गया है। व्यापारी और कुछ का व्यापार भी मुसीबत में है।
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80 फीसदी कूलर धरे रह गए
डालीगंज के व्यापारी नेता एवं कारोबारी अतुल कुमार जैन ने कहा कि गर्मी और शादी की सहालग में बिकने वाले कूलर 80 फीसदी रिटेलर की दुकानों में धरे रह गए। कोरोना कर्फ्यू के कारण अप्रैल और मई में दुकानें बंद रहीं, जिससे ग्राहक उनकी खरीद नहीं सका। अब यह कूलर अगले सीजन में ही बिकेंगे। कारोबारी की मोटी पूंजी फंस गई है और उधार खरीदे गए कूलर की कीमत लौटाना भी मुश्किल हो रहा।
तीन माह में साल भर का 40 फीसदी कारोबार
इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं आलमबाग के डिस्ट्रीब्यूटर सुशील अबरोल बंटी ने कहा कि इलेक्ट्रिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स का सालभर के 12 महीने में जितना कारोबार होता है, उसका 40 फीसदी सिर्फ तीन अप्रैल, मई, जून में होता है। डिस्ट्रीब्यूटर भी इन तीन महीनों में अधिक से अधिक एसी, कूलर, फ्रिज, आदि बेचने के लिए सर्वाधिक स्टॉक जुटाया, जिसमें बहुत मोटी रकम फंस गई है। मेरे जैसे लखनऊ में 20 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर का माल अटका है।
दस फीसदी महंगे खरीदे थे एलईडी
नाका परिक्षेत्र के अध्यक्ष एवं कारोबारी पवन मनोचा ने कहा कि अप्रैल से जुलाई तक एलईडी की बंपर तरीके से सेल होती है। इस सीजन में एलईडी को बेचने के लिए फरवरी से मार्च तक में ही स्टॉक जुटाया था। इसके लिए एलईडी को होल सेलर से 5 से लेकर 10 फीसदी महंगी रेट पर खरीदे थे जो दुकान से लेकर गोदाम तक ही सजे रह गए। कोरोना कर्फ्यू के कारण सेल नहीं हो सकी। एक-एक कारोबारी की 20 से 50 लाख रुपये की रकम अटक गई।
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इनका लगभग 2000 करोड़ रुपये का इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक का माल दुकान से गोदामों में अटक गया है। होलसेलर्स और रिटेलर्स ने इस माल को अप्रैल से जून तक होने वाली शादियों और गर्मी के मौसम को देखते हुए स्टॉक किया था।
शादियां स्थगित होने से यह माल बिका नहीं और फिर कोरोना कर्फ्यू के चलते बाजार बंद हो गए। होलसेलर ने ब्रांडेड कंपनियों से उधारी में जो माल खरीदा उनकी मुसीबतें बढ़ गई है। कंपनी माल वापस नहीं लेगी, ऐसे में देनदारी चुकाना बहुत मुश्किल पड़ेगा।
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शोरूम से गोदाम तक 50-50 लाख का माल
नाका व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं इलेक्ट्रिकल कारोबारी सतपाल सिंह मीत ने कहा कि एक-एक कारोबारी के पास शोरूम से लेकर गोदान तक 50-50 लाख रुपये का माल भरा है, जिनमें कूलर, एसी फ्रिज और एलईडी शामिल है। जिसमें से अब कूलर और पंखे बिकने का सीजन खत्म हो गया है। व्यापारी और कुछ का व्यापार भी मुसीबत में है।
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80 फीसदी कूलर धरे रह गए
डालीगंज के व्यापारी नेता एवं कारोबारी अतुल कुमार जैन ने कहा कि गर्मी और शादी की सहालग में बिकने वाले कूलर 80 फीसदी रिटेलर की दुकानों में धरे रह गए। कोरोना कर्फ्यू के कारण अप्रैल और मई में दुकानें बंद रहीं, जिससे ग्राहक उनकी खरीद नहीं सका। अब यह कूलर अगले सीजन में ही बिकेंगे। कारोबारी की मोटी पूंजी फंस गई है और उधार खरीदे गए कूलर की कीमत लौटाना भी मुश्किल हो रहा।
तीन माह में साल भर का 40 फीसदी कारोबार
इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं आलमबाग के डिस्ट्रीब्यूटर सुशील अबरोल बंटी ने कहा कि इलेक्ट्रिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स का सालभर के 12 महीने में जितना कारोबार होता है, उसका 40 फीसदी सिर्फ तीन अप्रैल, मई, जून में होता है। डिस्ट्रीब्यूटर भी इन तीन महीनों में अधिक से अधिक एसी, कूलर, फ्रिज, आदि बेचने के लिए सर्वाधिक स्टॉक जुटाया, जिसमें बहुत मोटी रकम फंस गई है। मेरे जैसे लखनऊ में 20 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर का माल अटका है।
दस फीसदी महंगे खरीदे थे एलईडी
नाका परिक्षेत्र के अध्यक्ष एवं कारोबारी पवन मनोचा ने कहा कि अप्रैल से जुलाई तक एलईडी की बंपर तरीके से सेल होती है। इस सीजन में एलईडी को बेचने के लिए फरवरी से मार्च तक में ही स्टॉक जुटाया था। इसके लिए एलईडी को होल सेलर से 5 से लेकर 10 फीसदी महंगी रेट पर खरीदे थे जो दुकान से लेकर गोदाम तक ही सजे रह गए। कोरोना कर्फ्यू के कारण सेल नहीं हो सकी। एक-एक कारोबारी की 20 से 50 लाख रुपये की रकम अटक गई।