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Lucknow News: निर्माण में रोड़ा बने बिजली के खंभे
Fri, 05 Jul 2024 05:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 05 Jul 2024 05:32 AM IST
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रायबरेली। रायबरेली-प्रयागराज हाईवे के चौड़ीकरण में बिजली के खंभे रोड़ा बने हुए हैं। हाईवे के चौड़ीकरण, बाईपासों निर्माण में करीब 400 से ज्यादा बिजली के खंंभे इस दायरे में आ रहे हैं। इसमें अब तक आधे खंभे भी नहीं हटाए जा सके है। इसकी वजह से काम में तेजी नहीं आ रही है।
पावर कॉर्पोरेशन और एनएचएआई की उदासीनता के चलते दिसंबर 2024 तक चौड़ीकरण और बाईपासों का निर्माण पूरा होना संभव नहीं लग रहा है। इसकी वजह से आए दिन लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। मौजूदा समय में जगतपुर, जिंगना, पंचशील, बाबा का पुरवा, चड़रई, बाबूगंज समेत अन्य स्थानों पर अभी भी बिजली के खंभे खड़े है। इससे करीब पांच लाख लोगों को फर्राटा भरने के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
रायबरेली-प्रयागराज हाईवे टू लेन को फोरलेन किया जा रहा है। हाईवे पर जगतपुर, बाबूगंज, ऊंचाहार और प्रतापगढ़ जिले के आलापुर में बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है। इन बाईपासों की लंबाई करीब 29 किलोमीटर है। 63 किलोमीटर हाईवे को चौड़ीकरण कराने कराया जा रहा है। यह पूरा कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा कराना है। जिस तरह से कार्य हो रहा है, इससे साफ जाहिर है कि तय समय में चौड़ीकरण का काम कैसे पूरा हो पाएगा। इस वजह से आए दिन जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
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इन बाईपासों की लंबाई करीब 29 किलोमीटर है। इसके अलावा सई नदी पर दूसरा पुल का निर्माण कराया जा रहा है। यह पूरा कार्य आरएंडसी इंफ्रा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी करा रही है। वहीं शेष 63 किलोमीटर बाईपास के चौड़ीकरण के लिए दूसरी एजेंसी कालूवाला करा रही है।
एक महीने में 10 बार टूट चुके तार, तीन बार केस
रायबरेली। हाईवे के चौड़ीकरण में डंपरों से मिट्टी की ढुलाई चल रही है। चालक मनमाने ढंग से डंपर चलाते हैं। यही वजह है कि एक महीने में 10 बार बिजली के तार चुके हैं। इससे अक्सर बिजली गुल रहती है। पावर कॉर्पोरेशन ने तीन बार डंपर चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बावजूद बिजली के खंभों को नहीं हटाया जा रहा है।
एनएचएआई को हटवाना है बिजली के पोल
हाईवे के दायरे में अब तक 200 बिजली के पोल हटाए जाने हैं। एनएचएआई ने पावर कॉर्पोरेशन को केवल सुपरवीजन चार्ज के रूप में करीब 60 लाख रुपये जमा किया है। लाइन को शिफ्ट करना एनएचएआई का काम है।
-धीरेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार
पावर कॉर्पोरेशन हटवाएगा 33 केवी लाइन
हाईवे के चौड़ीकरण में 33 केवी लाइन को हटवाने की जिम्मेदारी पावर कॉर्पोरेशन की होती है, जबकि 11 केवी की लाइन को एनएचएआई हटवाता है। ज्यादातर बिजली के खंभे हटाए जा चुके हैं। चौड़ीकण और बाईपासों का निर्माण बहुत तेजी से चल रहा है। तय समय में काम पूरा कराने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।
-आरएस यादव, पीडी एनएचएआई
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पावर कॉर्पोरेशन और एनएचएआई की उदासीनता के चलते दिसंबर 2024 तक चौड़ीकरण और बाईपासों का निर्माण पूरा होना संभव नहीं लग रहा है। इसकी वजह से आए दिन लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। मौजूदा समय में जगतपुर, जिंगना, पंचशील, बाबा का पुरवा, चड़रई, बाबूगंज समेत अन्य स्थानों पर अभी भी बिजली के खंभे खड़े है। इससे करीब पांच लाख लोगों को फर्राटा भरने के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
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रायबरेली-प्रयागराज हाईवे टू लेन को फोरलेन किया जा रहा है। हाईवे पर जगतपुर, बाबूगंज, ऊंचाहार और प्रतापगढ़ जिले के आलापुर में बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है। इन बाईपासों की लंबाई करीब 29 किलोमीटर है। 63 किलोमीटर हाईवे को चौड़ीकरण कराने कराया जा रहा है। यह पूरा कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा कराना है। जिस तरह से कार्य हो रहा है, इससे साफ जाहिर है कि तय समय में चौड़ीकरण का काम कैसे पूरा हो पाएगा। इस वजह से आए दिन जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
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इन बाईपासों की लंबाई करीब 29 किलोमीटर है। इसके अलावा सई नदी पर दूसरा पुल का निर्माण कराया जा रहा है। यह पूरा कार्य आरएंडसी इंफ्रा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी करा रही है। वहीं शेष 63 किलोमीटर बाईपास के चौड़ीकरण के लिए दूसरी एजेंसी कालूवाला करा रही है।
एक महीने में 10 बार टूट चुके तार, तीन बार केस
रायबरेली। हाईवे के चौड़ीकरण में डंपरों से मिट्टी की ढुलाई चल रही है। चालक मनमाने ढंग से डंपर चलाते हैं। यही वजह है कि एक महीने में 10 बार बिजली के तार चुके हैं। इससे अक्सर बिजली गुल रहती है। पावर कॉर्पोरेशन ने तीन बार डंपर चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बावजूद बिजली के खंभों को नहीं हटाया जा रहा है।
एनएचएआई को हटवाना है बिजली के पोल
हाईवे के दायरे में अब तक 200 बिजली के पोल हटाए जाने हैं। एनएचएआई ने पावर कॉर्पोरेशन को केवल सुपरवीजन चार्ज के रूप में करीब 60 लाख रुपये जमा किया है। लाइन को शिफ्ट करना एनएचएआई का काम है।
-धीरेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार
पावर कॉर्पोरेशन हटवाएगा 33 केवी लाइन
हाईवे के चौड़ीकरण में 33 केवी लाइन को हटवाने की जिम्मेदारी पावर कॉर्पोरेशन की होती है, जबकि 11 केवी की लाइन को एनएचएआई हटवाता है। ज्यादातर बिजली के खंभे हटाए जा चुके हैं। चौड़ीकण और बाईपासों का निर्माण बहुत तेजी से चल रहा है। तय समय में काम पूरा कराने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।
-आरएस यादव, पीडी एनएचएआई