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यूपी दौरे पर चुनाव आयुक्त : सपा, बसपा और कांग्रेस ने की चुनाव आयोग से निष्पक्ष और समय पर चुनाव कराने की मांग

Tue, 28 Dec 2021 11:20 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 28 Dec 2021 11:20 PM IST
सार

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने चुनाव आयुक्त से कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता का पालन सख्ती से कराया जाए। भाजपा नेताओं द्वारा सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को रोकने के साथ-साथ धर्मिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाले भाषणों पर रोक लगाई जाए।

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Election Commissioner on UP tour: SP, BSP and Congress demanded from the Election Commission to conduct fair and timely elections
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों ने चुनाव आयोग से प्रदेश में निष्पक्ष और समय पर चुनाव कराने की मांग की है। उत्तर प्रदेश चुनावी तैयारियों का जायजा लेने लखनऊ पहुंचे आयोग से राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की और अपनी-अपनी मांग रखी।

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मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा के नेतृत्व में चुनाव आयुक्त डा. राजीव कुमार और अनूप चंद्र पांडेय के साथ आयोग की पूरी टीम तीन दिन के दौरे पर लखनऊ में है। आयोग की प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात के दौरान समाजवादी पार्टी ने भाजपा नेताओं की जनसभाओं में सरकारी मशीनरी और धन के दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की। भारतीय जनता पार्टी ने बूथों पर महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग है जबकि कांग्रेस ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाया और अपर मुख्य सचिव गृह को पद से हटाने की मांग की है। बसपा ने कहा कि सत्ता व धर्म का चुनाव में इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग रखी। राष्ट्रीय लोकदल ने आयोग से कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे लोगों द्वारा संविधान के खिलाफ भाषण पर रोक लगाई जाए।
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भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर, प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा और चुनाव प्रबंध प्रकोष्ठ के संयोजक अरुण कांत त्रिपाठी ने कहा कि हर बूथ पर कम से कम एक महिला सुरक्षा कर्मी की तैनात की जाए ताकि महिलाओं की सुरक्षा और पर्दानशीं महिलाओं की पहचान आईडी कार्ड के मुताबिक हो सके। कोविड के मद्देनजर पोलिंग बूथ में पर्याप्त जगह हो। इसके लिए बूथ बढ़ाने पड़ें तो बढ़ा दिए जाएं। एक परिवार का वोट एक ही बूथ पर हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
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समाजवादी पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल व केके श्रीवास्तव ने कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता का पालन सख्ती से कराया जाए। भाजपा नेताओं द्वारा सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को रोकने के साथ-साथ धर्मिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाले भाषणों पर रोक लगाई जाए। नरेश उत्तम ने कहा कि चुनाव आयोग इस बार 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और  दिव्यांगों को पोस्टल बैलेट के माध्यम से वोट देने की व्यवस्था कर रहा है। ऐसे लोगों की संख्या 40 लाख है। मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद ऐसे मतदाताओं की सूची भी समाजवादी पार्टी ने मांगी है। क्रिटिकल मतदेय स्थलों की सूची जिनकी संख्या 25 हजार से अधिक बताई जा रही है, वह सूची भी विधानसभावार और बूथवार उपलब्ध कराई जाए। सपा ने मतगणना समाप्त होने केबाद अगर किसी प्रत्याशी द्वारा वीवी पैट की गणना कराए जाने की मांग की जाती है तो 50 प्रतिशत वीवीपैट की गणना कराई जाए। समाजवादी पार्टी ने खर्च का हवाला देते हुए प्रत्याशियों के आपराधिक मामलों वाले प्रकरण में मांग की है कि समाचार पत्रों में आपराधिक रिकार्ड प्रकाशित करने की प्रक्रिया को तीन बार के स्थान पर एक बार किया जाए।

कांग्रेस की ओर से ओंकार नाथ सिंह, वीरेंद्र मदान व अनस रहमान ने आयोग से कहा कि चुनाव में प्रदेश की पुलिस की निष्पक्षता पर संदेह है। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी को तत्काल हटाया जाए। वह चुनाव प्रभावित करेंगे। इसके अलावा कोविड गाइडलाइन का पालन सत्ता पक्ष के साथ-साथ सभी पार्टियों के साथ समान रूप से सुनिश्चित किया जाए।

बहुजन समाज पार्टी की ओर से मेवालाल गौतम, आरए मित्तल और जमील अख्तर ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और आयुक्तों के साथ मुलाकात की। बसपा ने मॉडल कोड आफ कंडक्ट को सख्ती से लागू कराने की मांग की है और सत्ता व धर्म के चुनावी स्वार्थ के लिए होने वाले इस्तेमाल पर चिंता जाहिर की है। बसपा ने मांग की है कि चुनाव को जिस तरह से धार्मिक रंग देने की कोशिश की जा रही है, उसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है। राष्ट्रीय लोकदल के अनिल दुबे ने मांग की है कि कम से कम 50 प्रतिशत वीवी पैट प्रत्येक विधानसभा में गिने जाएं।

आयोग ने अधिकारियों से पूछा कहां तक पहुंची तैयारी?

आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पुलिस के नोडल अधिकारी एडीजी कानून व्यवस्था और प्र्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश विधान सभा सामान्य निर्वाचन 2022 की तैयारियों की समीक्षा की। आयोग ने बूथ स्थलों के भौतिक सत्यापन और अधिकारियों के भ्रमण की जानकारी ली। आयोग ने कहा कि तैयारियों में तेजी लाई जाए।

आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अनुमानित मतदाताओं की संख्या, मतदेय स्थल व मतदान केंद्रों की संख्या, कोविड प्रोटोकाल को लेकर तैयारियों की स्थिति और संवेदनशीलता के बारे में जानकारी हासिल की। आयोग ने कहा कि हर बूथ की व्यवस्था को चेक किया जाए। खासकर बिजली की उपलब्धता हर बूथ पर सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि ईवीएम, वीवीपैट और सीसीटीवी कैमरे सुचारू रूप से काम कर सकें। इसके अलावा आयोग ने पुलिस विभाग की समीक्षा करते हुए अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार से फोर्स एलॉटमेंट के प्लान, फोर्स के मूवमेंट प्लान और केंद्रीय अर्ध सैनिक बल की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी हासिल की।

आयोग ने विभिन्न अर्ध सैनिक बलों के यूपी में मौजूद अधिकारियों से भी फोर्स की उपलब्धता के बारे में जानकारी हासिल की और पिछले चुनाव के मुकाबले अधिक बल उपलब्ध कराने को कहा। आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। खासकर अवैध शराब की खपत को रोकने और कैश पैसों के मूवमेंट पर खास नजर रखने के लिए कहा गया। बैठक के दौरान कोविड 19 की मौजूदा स्थितियों और आने वाले दिनों के खतरों को देखते हुए तैयारियों के निर्देश दिए गए।

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