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चुनाव आयोग के सामने चुनौती, कैसे हटेंगी सीएम अखिलेश की फोटो

Mon, 09 Jan 2017 03:23 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Mon, 09 Jan 2017 03:23 PM IST
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election commission may find difficulty to remove akhilesh pictures
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

चुनाव आयोग ने सरकारी वेबसाइटों से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फोटो व सड़कों के किनारे सरकारी योजनाओं के प्रचार वाले होर्डिंग भले ही हटवा दिए हों, लेकिन सरकार ने कई चीजों में ऐसा इंतजाम कर रखा है जहां से मुख्यमंत्री अखिलेश की तस्वीर हटाना आसान नहीं होगा।

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समाजवादी पार्टी इसके लिए पहले से ही अलर्ट थी। यही वजह है कि सपा सरकार ने 15 लाख से अधिक इंटर पास विद्यार्थियों को जो लैपटॉप बांटे, उनमें मुख्यमंत्री अखिलेश व मुलायम सिंह की तस्वीर पहले से लगा दी थी।
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लैपटॉप खोलते ही सबसे पहले स्क्रीन पर इन दोनों की ही तस्वीर सामने आती है। लैपटॉप से इनकी तस्वीर हटाना आसान नहीं है। इसी तरह सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों के लाखों बच्चों को जो स्कूल बैग बांटे, उनमें भी मुख्यमंत्री की तस्वीर इस तरह छपवाई गई है कि इसे निकाला न जा सके।
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बच्चे हर दिन ये बैग लेकर स्कूल आ रहे हैं। आयोग ने नए बैग बांटने पर तो प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन बंट चुके बैग का क्या होगा, इस पर फिलहाल चुप है। सरकार ने स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे-मील के लिए बच्चों को जो बर्तन बांटे हैं, उनमें भी सीएम अखिलेश की तस्वीर के स्टिकर लगे हुए हैं।

थाली व ग्लास में ‘खूब पढ़ो-खूब बढ़ो’ के साथ ही ‘उम्मीदों का प्रदेश’ स्लोगन गुदवाया गया है। इन बर्तनों का उपयोग बच्चे हर दिन स्कूलों में दोपहर का खाना खाते समय करते हैं। इस स्लोगन को हटवा पाना आसान नहीं होगा।

ई ‌र‌िक्शा में भी लगी है अ‌ख‌िलेश की फोटो

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अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
प्रदेश सरकार ने जो मुफ्त ई-रिक्शा बांटे हैं, उनमें भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व कैबिनेट मंत्री आजम खां के स्टिकर चस्पा हैं। कई ई-रिक्शा में तो सरकार ने इसे पेंट कराकर दिया है। ये ई-रिक्शा विभिन्न शहरों में सड़कों पर सरकार का प्रचार कर रहे हैं। इस पर भी अभी आयोग कोई निर्णय नहीं ले सका है। 

प्रदेश सरकार ने समाजवादी स्मार्टफोन योजना के लिए भी 31 जनवरी तक पंजीकरण खोल रखा है। इसमें अब तक 1.30 करोड़ पंजीकरण हो चुके हैं। इसमें कहा गया है कि जब अगली बार सपा की सरकार बनेगी तो वे युवाओं को स्मार्टफोन देंगे।

चुनाव आयोग में इसकी शिकायत हो चुकी है लेकिन अभी तक इसका पंजीकरण बंद नहीं कराया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय केवल विभाग को नोटिस भेजने की औपचारिकता निभा रहा है।

चुनाव आयोग ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में पार्कों में खड़े पत्थरों के हाथियों को ढंकवा दिया था। आयोग ने एक राजनीतिक दल का चुनाव चिह्न हाथी होने के चलते यह निर्णय किया था।  

‘नए स्कूल बैग बांटने पर पाबंदी है। जो बैग बंट गए हैं, उनके इस्तेमाल की तरफ आप लोगों ने ध्यान आकर्षित कराया है। इस पर चुनाव आयोग में बात की जाएगी। लैपटॉप पर क्या निर्णय लिया जा सकता है, इस पर विचार किया जाएगा। ई-रिक्शा में लगे स्टिकर हटवाने के बारे में भी बात की जाएगी। जहां तक समाजवादी स्मार्टफोन योजना के पंजीकरण की बात है, तो विभाग को नोटिस भेजा जा रहा है। वहां से जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी’।- बलकार सिंह, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी
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