फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Elderly man kept under digital arrest for 15 days, Rs 92 lakh recovered

Lucknow News: बुजुर्ग को 15 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, वसूले 92 लाख रुपये

Fri, 09 Jan 2026 02:13 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jan 2026 02:13 AM IST
विज्ञापन
Elderly man kept under digital arrest for 15 days, Rs 92 lakh recovered
लखनऊ। साइबर ठगी के मामले कम नहीं हो रहे हैं। ठगों ने सेवानिवृत्त प्रोफेसर को 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रख 92 लाख रुपये वसूल लिए। रिशिता अपार्टमेंट गोमतीनगर विस्तार में रहने वाले 78 वर्षीय जयंत कुमार सिंह को ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल भेजने की धमकी देकर डराया था। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
विज्ञापन


साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि 19 दिसंबर को जयंत कुमार सिंह के पास अंजान नंबर से वीडियो कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अफसर बताया। ठग ने कहा कि आपके खिलाफ मुंबई में केस दर्ज है। आपके आधार का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। ठग ने जेल भेजने की धमकी देकर व्हाट्सएप पर कोर्ट का वारंट भेजा। वारंट देखकर जयंत डर गए। ठगों ने जयंत को मामले की जांच का झांसा दिया। इसके बाद कुछ बैंक खाते भेजे। ठगों ने कहा कि आप रकम इन खातों में डाल दीजिए। छानबीन के बाद रुपये आपको वापस कर दिए जाएंगे और क्लीन चिट दे दी जाएगी।
विज्ञापन


डरकर जयंत ने दो जनवरी तक अलग-अलग खातों में 92 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी जालसाज उनसे और रुपयों की मांग करते रहे। दो जनवरी को पीड़ित ने ठगों का फोन काट दिया और फिर परिजनों को मामले की जानकारी दी। घरवालों से बात करने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद वह साइबर क्राइम थाने में शिकायत लेकर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

आप सीनियर सिटीजन हैं, आपकी मदद होगी
पीड़ित ने बताया कि जालसाजों ने उन्हें मदद का झांसा दिया। ठगों ने कहा कि आप सीनियर सिटीजन हैं। ऐसे में आपको गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। आपके मामले की छानबीन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से आपकी बात कराई जाएगी। ठगों ने इस दौरान किसी से भी बात नहीं करने के लिए कहा था। झांसे में आकर जयंत घर में चोरी-छिपे ठगों से बात करते रहे और ठगी के शिकार हो गए।



डिजिटल अरेस्ट से ऐसे करें बचाव
अगर आपके पास अनजान नंबर से काॅल आए तो सावधान हो जाएं। कॉल करने वाला शख्स यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल बुक है। कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कर कार्रवाई की जा रही है...तो तुरंत सतर्क हो जाएं। यह कॉल साइबर ठग की होती है। तत्काल पुलिस से शिकायत करें।


यहां करें शिकायत
यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इनसे भी हो चुकी है ठगी
इंदिरानगर के लक्ष्मणपुरी विस्तार निवासी निजी कॉलेज की प्रोफेसर प्रमिला मानसिंह से 78.50 लाख रुपये हड़पे गए।

कनाडा के रहने वालीं सुमन कक्कड़ व उनकी बहन से 1.88 करोड़ रुपये ऐंठे गए।

बाजारखाला के ऐशबाग निवासी सरकारी बैंक के पूर्व कर्मचारी प्रभात कुमार से 1.20 करोड़ रुपये हड़पे गए।

एसजीपीजीआई की महिला डॉक्टर रुचिका टंडन से 2.81 करोड़ रुपये वसूले गए।

हजरतगंज के अशोक मार्ग पर रहने वाले डॉक्टर पंकज रस्तोगी की पत्नी दीपा से 2.71 करोड़ की ठगी हुई।

हजरतगंज निवासी मरीन इंजीनियर एके सिंह से 84 लाख रुपये की ठगी हुई।

ठाकुरगंज के पंचायती राज विभाग से रिटायर कमलकांत मिश्रा से 17 लाख 50 हजार वसूले गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article