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अलनीनो बेअसर: कमजोर मानसून की आशंका के बीच ज्यादा बारिश, यूपी में सामान्य के मुकाबले 100.3% दर्ज हुई बारिश
Fri, 11 Sep 2026 10:08 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ
विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Fri, 11 Sep 2026 10:08 AM IST
सार
मौसम विभाग की ओर से अलनीनो के कारण मानसून के कमजोर रहने की आशंका जताई गई थी, लेकिन एक के बाद एक सक्रिय कम दबाव के क्षेत्रों ने इस अनुमान को उलट दिया।
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यूपी में नही रहा अलनीनो का असर।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश में जिस मानसून से शुरुआत में मायूसी मिली, उसी ने अगस्त आते-आते ऐसी करवट ली कि मौसम विभाग का पूर्वानुमान गलत साबित हुआ। अलनीनो के असर से सामान्य से कम बारिश की आशंका के बीच प्रदेश में अब मानसून ने न केवल बारिश की कमी पूरी कर ली है, बल्कि सामान्य बारिश का आंकड़ा भी पार कर लिया है।
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एक जून से आठ सितंबर तक यूपी में 649.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य बारिश 647.3 मिलीमीटर होती है। यानी अब तक 100.3 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। खास बात यह है कि सितंबर का आधे से ज्यादा महीना अभी बाकी है।
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मौसम विभाग ने मानसून के कमजोर रहने का अनुमान लगाया था। अलनीनो की सक्रियता के कारण जून से सितंबर तक देश में दीर्घकालिक औसत की करीब 90 प्रतिशत बारिश का पूर्वानुमान था। शुरुआत में जून जुलाई में बारिश कम भी रही, लेकिन अगस्त ने पूरा खेल पलट दिया। कम दबाव के क्षेत्रों और मानसूनी सिस्टम के लगातार सक्रिय रहने से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई।
अगस्त की बारिश ने बदला पूरा खेल : मौसम विभाग की ओर से अलनीनो के कारण मानसून के कमजोर रहने की आशंका जताई गई थी, लेकिन एक के बाद एक सक्रिय कम दबाव के क्षेत्रों ने इस अनुमान को उलट दिया। प्रदेश में कई बार ऐसे मौसमी सिस्टम बने, जिनसे अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश के दौर आए।
जून-जुलाई में अपेक्षाकृत कम बारिश के बाद अगस्त में प्रदेश में 291.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 235.5 मिलीमीटर है। इस तरह अगस्त में सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। यह अगस्त 2018 के बाद सबसे अधिक बारिश वाले अगस्त में दूसरे स्थान पर रहा। वर्ष 2018 में अगस्त में 293.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई थी।
एक प्रदेश, मानसूनी बारिश की दो तस्वीरें
प्रदेश का औसत आंकड़ा भले ही सामान्य से थोड़ा ऊपर पहुंच गया हो, लेकिन जिलों में बारिश का वितरण बेहद असमान रहा। चित्रकूट में 1201.1 मिलीमीटर बारिश हुई। जो प्रदेश में सर्वाधिक है। इसके उलट कुछ जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। कुशीनगर में 204.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 67 प्रतिशत कम है। मऊ में भी करीब 53 प्रतिशत बारिश की कमी है।
| 1 जून से 8 सितंबर | 649.5 मिमी बारिश |
| सामान्य बारिश | 647.3 मिमी |
| सामान्य के मुकाबले | 100.3% |
| अगस्त की बारिश | 291.3 मिमी |
| अगस्त में सामान्य | 235.5 मिमी |
| अगस्त में सामान्य से अधिक | 24% |