फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   ekadashi lagan marriage start

Lucknow News: आज जागेंगे देवता, तुलसी विवाह संग शुरू होगी सहालग

Thu, 23 Nov 2023 02:10 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Nov 2023 02:10 AM IST
विज्ञापन
ekadashi lagan marriage start
लखनऊ। कार्तिक शुक्ल एकादशी बृहस्पतिवार को है जिसे देवउठनी एकादशी भी कहते हैं। मान्यता है कि क्षीर सागर में सोए भगवान विष्णु एकादशी को नींद से जागते हैं। इसी के बाद मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। 23 नवंबर को एकादशी से शुभ काम शुरू हो जाएंगे। होटल व वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों कहना है कि 23 को तो छिटपुट ही विवाह हैं, लेकिन बड़ी लगन 27 नवंबर से शुरू हो रही हैं।
विज्ञापन


सारे होटल-लाॅन और बैंक्वेट फुल

सहालग के 10 दिन तक लाॅन, होटल और बैंक्वेट फुल रहेंगे। शहर में 100 के करीब थ्री स्टार से फाइव स्टार तक की कैटेगरी के होटल हैं। इनमें पांच सितारा होटलों की संख्या गिनी चुनी है। जबकि अयोध्या रोड पर एक लाॅन ऐसा भी है, जहां 14 शादियां एक साथ हो सकती हैं। वहीं कुछ होटल ऐसे हैं, जहां एक दिन में कई शादियां एक साथ हो सकती हैं। दुबग्गा-हरदोई रोड, दुबग्गा जेहटा रोड, दुबग्गा कसमंडी रोड की बात करें तो यहां हर पांच से छह किलोमीटर की परिधि में लाॅन की संख्या 25-30 के बीच है। इसी तरह माल-मलिहाबाद रोड पर चले जाएं तो यहां भी बड़ी संख्या में लाॅन हैं। इसके अलावा सीतापुर रोड, सुल्तानपुर रोड, एयरपोर्ट के आसपास और कुर्सी रोड, रायबरेली रोड जैसे इलाकों में होटल व लाॅन की भरमार है।
विज्ञापन




एक दिन में 4 से 5 हजार शादियां

होटल कारोबारी व उत्तर प्रदेश होटल एसोसिएशन के श्याम कृष्णानी कहते हैं कि दस से बारह दिन की सहालग है, इसमें शादियां जबरदस्त हैं। वहीं वेडिंग प्लानर अंकुर गर्ग व हामिद हुसैन कहते हैं कि मुस्लिम शादियां तो अक्तूबर से ही शुरू हो गई थीं। एकादशी के बाद से शुरु हुई सहालग में एक दिन में 4 से 5 हजार शादियां कहीं नहीं गईं। यानी दिसंबर में खरमास से पहले 30 हजार से अधिक शादियां अनुमानित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन






एकादशी पूजन का मुहूर्त

वैदिक ज्योतिष परिषद के अध्यक्ष व महामहोपाध्याय डॉ. आदित्य पांडेय के अनुसार, एकादशी का मुहूर्त प्रातः 6:50 से 8:00 बजे तक और शाम को शाम 5:25 से 8.46 बजे तक है। भगवान को गन्ना, सिंघाड़ा, लड्डू, फल अर्पित किया जाता है, गन्ने का मंडप बनाकर शालिग्राम व तुलसी जी को उसके नीचे रखा जाता है। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल और पंडित धीरेन्द्र पांडेय के मुताबिक, नवम्बर में खास मुहूर्त 27, 28 व 29 को हैं, और दिसंबर में 3, 4, 5, 6, 7, 8 ,9,13,14 व 15 तारीख को मुहूर्त हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed