मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने पर आठ स्टूडेंट्स सस्पेंड, छात्रों में उबाल
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने और प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ लविवि प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आठ छात्रों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ विवि की सभी सुविधाओं से उनको वंचित कर दिया है। छात्रों से लविवि ने स्पष्टीकरण मांगा है। उनके जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, लविवि की इस कार्रवाई के बाद छात्र संगठनों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। लविवि में बुधवार शाम हिंदवी स्वराज्य समारोह आयोजित किया गया था, इसके मुख्य अतिथि थे सीएम।
तभी विवि के गेट नंबर एक के पास छात्र-छात्राएं काले झंडे दिखाते हुए सीएम की फ्लीट के आगे कूद गए। वे समारोह में छात्रों के धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाकर प्रदर्शन व नारेबाजी कर रहे थे।
पुलिस ने लाठियां भांज कर छात्रों को हटाया और 14 छात्र-छात्राओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद लविवि प्रशासन ने भी अपने स्तर से कार्रवाई करने का मन बना लिया और पुलिस से गिरफतार किए गए छात्रों का ब्यौरा मंगवाया।
एलयू के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि महिला
अध्ययन विभाग के शोध छात्र अनिल यादव मास्टर, एमए सोशल वर्क के अपूर्वा वर्मा, एमए लिंग्विस्टिक के अंकित कुमार सिंह, एमए इकोनॉमिक्स के निनित राज, बीए सेकेंड ईयर केमाधुर्य सिंह, एमए एआईएच केराकेश कुमार, एमए भाषा विज्ञान के सतवंत सिंह और पूजा शुक्ला को ससपेंड कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा लविवि की लाइब्रेरी समेत अन्य सुविधाएं भी इन्हें प्रदान नहीं की जाएंगी। उन्होंने बताया कि स्पष्टीकरण मांगा गया है।
वहीं, समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष त्रिशुलधारी सिंह ने बताया कि लविवि की इस कार्रवाई को लेकर छात्रसभा का एक प्रतिनिधि दल गवर्नर से मिलकर विरोध प्रकट करेगा। दिग्विजय सिंह ने बताया कि लविवि की इस कार्रवाई के खिलाफ छात्रसभा बड़ा आंदोलन करेगी।
जमानत नामंजूर, 22 तक जेल भेजे गए
सीएम को काले झंडे दिखाने वाले सभी स्टूडेंट की जमानत याचिका शुक्रवार दोपहर एसीजेएम सुनील कुमार ने निरस्त कर दी। एसीजेएम ने घटना को गंभीर प्रवृत्ति का बताते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं ने जो किया वह जमानत योग्य नहीं है।
बृहस्पतिवार दोपहर कोर्ट ने सभी आरोपियों को 22 जून तक के लिए जेल भेज दिया। आरोपियों की तरफ से जमानत अर्जी दी गई थी। जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया।
इस मामले में पुलिस की लापरवाही पर एसएसपी दीपक कुमार ने चिनहट कोतवाली के उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव, सिपाही अलाउद्दीन, जीवन सहाय, आत्मेंदर सिंह, विजेंदर कुमार और मलिहाबाद के सिपाही देवेंदर सिंह को सस्पेंड करते हुए एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स को जांच सौंपी थी।
अंकित सिंह बाबू, महेंद्र यादव, अनिल यादव, माधुर्य सिंह, विनीत कुमार कुशवाहा, सतवंत सिंह, अशोक कुमार प्रभात, राकेश समाजवादी, नितिन राज, अपूर्वा वर्मा और पूजा शुक्ला को गिरफ्तार किया था।