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जल निगम के आठ इंजीनियरों ने सीवरेज प्रोजेक्ट में कर दिया ये कारनामा, गिर गई गाज

Sun, 22 Apr 2018 09:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 22 Apr 2018 09:58 AM IST
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eight engineers of water corporation suspended
गाजियाबाद के नरौरा सीवरेज प्रोजेक्ट में अनियमितता पर जल निगम के अधीक्षण अभियंता सहित आठ इंजीनियरों और एक लेखाकार को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रोजेक्ट में स्वीकृत बजट से 14 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए जाने और काम में अनियमितता पर की गई है। यह योजना वर्ष 2014 में आई थी और हाल ही काम पूरा हुआ है।
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वहीं, कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं क्योंकि शासन ने यह कार्रवाई जल निगम इंजीनियर्स की समन्वय समिति की ओर से प्रमुख सचिव नगर विकास पर चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाने के चार दिन बाद की है जबकि मामले की जांच दिसंबर में हुई थी।
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उत्तर प्रदेश जल निगम के प्रबंध निदेशक राजेश मित्तल ने बताया कि गाजियाबाद की नरौरा सीवरेज योजना में अनियमितता की शिकायत पर प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार ने बीते साल दिसंबर में जांच की थी। इसमें पाया गया कि उस समय करीब 34 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट पास किया गया था, मगर काम में बदलाव के कारण लागत बढ़कर करीब 66 करोड़ हो गई।
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इस लागत को मंजूरी नहीं मिली, इसके बावजूद 14 करोड़ रुपये के काम कराए गए। हालांकि इसके लिए टेंडर प्रक्रिया की गई, मगर बजट मंजूर नहीं हो पाया था, जिसे नियमानुसार गलत माना गया है। इंजीनियरों पर जो आरोप लगे हैं, उनकी जांच मुख्य अभियंता जुबैर अहमद करेंगे।

मित्तल का यह भी कहना है कि सीवरेज योजना का जो काम हुआ है, उसमें कोई अनियमितता नहीं है, मगर बिना मंजूरी 14 करोड़ का काम कराया गया, वह गलत है। काम कराने से पहले बजट की मंजूरी लेनी चाहिए थी।

मनोबल गिराने वाली है कार्रवाई

जल निगम समन्वय समिति के अध्यक्ष वाईएन उपाध्याय ने कहा कि इंजीनियरों पर की गई कार्रवाई उचित नहीं है, उनका मनोबल गिराने वाली है। जिस योजना को लेकर इंजीनियराें पर कार्रवाई हुई, जनता को उसका लाभ मिल रहा है। अगर रिवाइज एस्टीमेट पास नहीं हुआ तो यह प्रशासनिक ढिलाई है। समन्वय समिति पूरे मामले का परीक्षण करेगी और उच्च स्तर पर मामले को उठाएगी।
 
इन पर गिरी गाज
केशव गुप्ता, अधीक्षण अभियंता
मोहम्मद ताहिर, अधिशासी अभियंता
अमीरुल हसन, सहायक अभियंता
फरहीम अहमद, सहायक अभियंता
नौशाद अली, अवर अभियंता
रवि शुक्ला, अवर अभियंता
कौशल किशोर, अवर अभियंता
अकबर हुसैन, अवर अभियंता
सुभाष सिंह, मंडल लेखाकार
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