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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Eid-ul-Azha: Cannot offer sacrifice before Namaz, do not share photos and videos on social media

ईद-उल-अजहा: नमाज से पहले नहीं दे सकते कुर्बानी, सोशल मीडिया पर न शेयर करें तस्वीरें और वीडियो, जानिए निर्देश

Mon, 17 Jun 2024 12:24 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 17 Jun 2024 12:24 AM IST
सार

Eid-ul-Azha: ईद-उल-अजहा का त्योहार 17 जून को मनाया जाएगा।  दारुल उलूम निजामिया फरंगी महल ने यह साफ किया है कि नमाज के पहले किसी भी तरह की कुर्बानी नहीं दे सकते। 
 

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Eid-ul-Azha: Cannot offer sacrifice before Namaz, do not share photos and videos on social media
17 जून को मनाई जाएगी बकरीद। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दारुल उलूम निजामिया फरंगी महल की ईद-उल-अजहा हेल्पलाइन का सहारा लेकर मुसलमानों ने शनिवार को अपनी आशंकाओं को दूर किया। हेल्पलाइन पर सवाल पूछा गया कि अगर कोई शख्स ईद-उल-अजहा की नमाज से पहले कुर्बानी कर ले तो क्या होगा? दारुल उलूम निजामिया फरंगी महल के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अध्यक्षता में उलमा के पैनल ने सवालों के जवाब दिये। उलमा ने बताया कि दूसरा जानवर लेकर दोबारा कुर्बानी करनी होगी।
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हेल्पलाइन पर पूछा गया कि बच्चे के बालिग होने या इंतकाल के बाद अकीका करना कैसा है? उलमा ने जवाब दिया कि बालिग होने के बाद सही है लेकिन इंतकाल होने के बाद अकीका सही नहीं। इसी तरह सवाल पूछा गया कि जिस शख्स पर कुर्बानी वाजिब नहीं वह अगर बाल और नाखून न काटे तो क्या उसको सवाब मिलेगा? उलमा ने जवाब दिया कि जी नहीं, यह सिर्फ कुर्बानी करने वालों के लिये खास है।
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न शेयर करें तस्वीरें और वीडियो 
 इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन एवं ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने ईद उल अजहा के सिलसिले में एडवाइजरी जारी कर मुसलमानों से कहा कि हमेशा की तरह उन्हीं जानवरों की कुर्बानी की जाए जिन पर कोई कानूनी पाबंदी नही है। मौलाना ने कुर्बानी करते समय की फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड न करने की भी अपील की।
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मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि कुर्बानी करना कोई रस्म नहीं बल्कि खुदा पाक की पसंदीदा इबादत है। यह हजरत इब्राहीम अलै. और हजरत इस्माइल अलै. की सुन्नत है। तमाम साहिबे निसाब मुसलमान कानूनी दायरे में रहते हुए कुर्बानी को जरूर अंजाम दें। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा की नमाज ईदगाहों और मस्जिदों के अंदर ही अदा करें, सड़कों पर नमाज अदा न करें। मौलाना ने कहा कि खुली जगह या सड़क के किनारे, गली और सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करें। जानवरों की गंदगी नगर निगम के कूड़ेदानों में ही डाले। कुर्बानी के जानवरों का खून नालियों में न बहाएं। जानवर की खालें खुदा की राह में सदका करें। गोश्त का एक तिहाई हिस्सा गरीबों में बांटें।


इन नंबरों पर पूछ सकते हैं सवाल
कुर्बानी हेल्पलाइन के फोन नंबरों और वेबसाइट के जरिये 19 जून तक दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक कुर्बानी, हज, उमरा और इबादत से जुड़ी अन्य आशंकाओं से संबन्धित सवाल पूछे जा सकते हैं।

नंबर: 9335929670, 7007705774, 9415102947, 9140427677
वेबसाइट- www.farangimahal.in और ई-मेल, ई-मेल, imamkrasheed@gmail.com
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